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कविता संबंधी प्रश्न (पृष्ठ संख्या 25)
– सर्वेस्वरदयाल सक्सेना
प्रश्न 1 कवि बाग-बगीचा क्यों लगाना चाहता है?
उत्तर- कवि बाग-बगीचा धरती को हरा-भरा बनाए रखने के लिए लगाना चाहता है ताकि वहाँ फूल-फल खिलें और अपनी खुशबू फैलाए, चिड़ियाँ चहचहाएँ और ताजी हवा जलाशय से होकर बहे।
प्रश्न 2 कविता में कवि की क्या विनती है?
उत्तर- कविता में कवि ने पेड़ों को नहीं काटने की साथ ही जो उन्हें काटें उन्हें भी रोकने की विनती की है।
प्रश्न 3 कवि क्यों कह रहा है कि
‘आज सभ्यता वहशी बन,
पेड़ों को काट रही है।’
उत्तर- कवि दिन-प्रतिदिन पेड़ों को कटते देख रहा है। मानव केवल अपने फायदे के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहा है। वह इनसे होने वाले नुकसान के बारे में नहीं सोच रहा है। वृक्षों की अंधाधुंध कटाई होने से वातावरण में प्रदुषण फैल रहा है जिससे कई प्रकार की बीमारियाँ हो रही हैं। अनियमित बारिश, आँधी-तूफ़ान आ रहे हैं। इसलिए कवि ने मानव सभ्यता को वहशी कहा है।
प्रश्न 4 कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो –
“बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।”
अब तुम यह बताओ कि पेड़ और बच्चों में क्या समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।
उत्तर- जिस तरह पेड़ धरती को हरा-भरा रखते हैं, उसकी सुंदरता को बढ़ाते हैं उसी तरह बच्चे भी घर भी हरा-भरा रखते हैं अपनी किलकारी से घर की सुंदरता को बनाए रखते हैं।
कैसी लगी कविता (पृष्ठ संख्या 21)
प्रश्न 1 कविता पढ़ो और जवाब दो-
कविता की कौन-सी पंक्तियाँ सबसे अच्छीं लगीं?
उत्तर- तो विनती है यही,
कभी मत उस दुनिया को खोना
पेड़ों को मत कटने देना,
मत चिड़ियों को रोना।
प्रश्न 2 कविता पढ़ो और जवाब दो-
वे पंक्तियाँ क्यों अच्छी लगीं?
उत्तर- इन पंक्तियों में कवि ने मानव सभ्यता से विनती की है कि पेड़ों से हरी-भरी दुनिया को नहीं उजाड़िए। पेड़ों को ना काटिये, ना कटने दीजिये। ये सिर्फ आपकी ही जरूरत नहीं बल्कि उन पक्षियों की भी जरूरत है जो इनपर रहते हैं। यह इस कविता का मूल सन्देश है।
बातचीत (पृष्ठ संख्या 25-26)
प्रश्न 1 नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गयी है। इसे अपनी समझ से पूरा करो।
बच्ची- ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो?
लकड़हारा- यह तो मेरा काम है।
बच्ची- पर यह तो गलत है।
लकड़हारा- यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है।
उत्तर- बच्ची- पर काका आप दूसरा काम भी तो कर सकते हो। आपके पेड़ काटने से पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है।
लकड़हारा- मुझे यही काम आता है तो मैं इस उम्र में दूसरा काम कैसे करुँ? और फिर मेरे एक पेड़ काटने से पर्यावरण को कैसे नुकसान हो सकता है?
बच्ची- यह बात तो ठीक है काका की इस उम्र में आप दूसरा काम नहीं खोज सकते पर पर्यावरण के लिए हर एक पेड़ महत्वपूर्ण है। आज आप एक पेड़ काटेंगे कल फिर दूसरा, इस तरह से तो धीरे धीरे सभी पेड़ का सफाया हो जायेगा।
लकड़हारा- बात तो तुम्हारी बिलकुल ठीक है पर मैं यह नहीं समझ पाया की पेड़ के कटाने से पर्यावरण को क्या नुकसान है?
बच्ची- पेड़ जब ऑक्सीजन देते हैं तब ही तो हम सांस ले पाते हैं। यह वायु को शुद्ध करते हैं और बारिश करवाने में मदद भी करते हैं। पेड़ों के कारण ही धरती का तापमान नियंत्रित रहता है।
लकड़हारा (सोचते हुए)- मैं सब समझ गया। मैं भी अब पेड़ों को नहीं काटना चाहता पर अपने भरण-पोषण के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा ना ? तुम ही कुछ उपाय बताओ जिससे पर्यावरण को नुकशान ना पहुँचे और मेरा काम भी हो जाए?
बच्ची (कुछ सोचते हुए)- काका, आप एक काम करो। जब भी आप एक पेड़ काटो तो उसके बदले दो पेड़ लगाओ और उनके बड़े होने तक देखभाल करो। इससे तुम्हारा काम भी हो जायेगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेग
लकड़हारा (प्रसन्न होकर)- धन्यवाद बेटी! तुमने मेरी आँखे खोल दी और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का उपाय भी निकाल लिया। अब से मैं ऐसा ही करूँगा।
बच्ची (प्रसन्न होकर)- आपका भी धन्यवाद काका। हम सभी ही मिलकर इस धरती को हरा भरा रख सकते हैं।
प्रश्न 2 नीचे लिखे वाक्य पढ़ो। उनमें इस्तेमाल हुए मुहावरों को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।
बलदेव के दिल में जो बात बैठ जाती; उसे पूरा करके ही छोड़ता।
उत्तर- दिमाग में जो बात बैठ जाती है, वो जल्दी नहीं हटती।
प्रश्न 3 नीचे लिखे वाक्य पढ़ो। उनमें इस्तेमाल हुए मुहावरों को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।
वह इतना डरा हुआ कि उसके उसके हाथ-पाँव फूल गए।
उत्तर- जंगल में शेर की दहाड़ सुनकर मोहन के हाथ-पाँव फूल गए।
प्रश्न 4 नीचे लिखे वाक्य पढ़ो। उनमें इस्तेमाल हुए मुहावरों को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।
ऐसा लगा जैसे कि किसी ने चीता का खून चूस लिया हो।
उत्तर- मालिक ने नौकर से काम करवा-करवाकर खून चूस लिया है।
प्रश्न 5 नीचे लिखे वाक्य पढ़ो। उनमें इस्तेमाल हुए मुहावरों को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।
बलदेव का दिल काँप उठा।
उत्तर- महेश को अस्पताल में देख उसके पिताजी का दिल काँप उठा।
बाग-बगीचा (पृष्ठ संख्या 26)
प्रश्न 1 तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकते हो? बताओ।
उत्तर- हम पेड़ों को बचने के लिए निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं-
- अपने जन्मदिन पर पेड़ लगाकर उसकी देखभाल कर सकते हैं।
- अन्य व्यक्तियों को पेड़ कटाने से रोक सकते हैं।
- हमें अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और अन्य करीबियों को पेड़ों के महत्व के बारे बताना चाहिए और उन्हें भी पेड़ बचाने के प्रेरित करना चाहिए।
- आसपास लगे पेड़ों का ध्यान रखना चाहिए।
प्रश्न 2 कविता में कवि ने बगीचे के बारे में बहुत कुछ बताया है। बताओ, नीचे लिखी चीज़ों में से कौन सी चीज़ें बगीचे में होंगी?
| कार | फूल |
| क्यारियाँ | चिड़ियाँ |
| सड़क | फल |
| खेत | तालाब |
| कारखाने | पेड़ |
| कुर्सी | कागज़ |
| पत्ता | टहनी |
उत्तर-
निम्नलिखित चीज़ें बगीचे में होंगी-
- फूल
- क्यारियाँ
- चिड़ियाँ
- फल
- पेड़
- टहनी
- पत्ता
यह भी करो (पृष्ठ संख्या 26)
प्रश्न 1 तुम्हारे घर के पास कौन-कौन से पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आमतौर पर नज़र आते हैं? उनकी सूची बनाओ।
उत्तर- पेड़- आम, अमरुद, पीपल, आशोक, नारियल, केला आदि।
पौधे- तुलसी, कड़ी पत्ता, मेहंदी, निंबु, चमेली आदि।
पशु- कुत्ता, गाय, बिल्ली, सांड, भैंस आदि।
पक्षी- कौआ, गौरैया, कबूतर, तोता, मैना आदि।
प्रश्न 2 अपने आस-पास पता करके ऐसे किसी व्यक्ति से बात करो जिसने कोई पेड़ या पौधा लगाया है। उससे पूछकर निम्नलिखित जानकारी प्राप्त करो-
- पेड़/ पौधे का नाम
- कब लगाया था?
- देखभाल की या नहीं?
- क्या वह पेड़/ पौधा अब भी मौजूद है?
उत्तर-
व्यक्ति एक:
- अमरुद
- चार साल
- देखभाल की थी।
- नहीं
व्यक्ति दो:
- निम्बू
- दो साल
- देखभाल नहीं की थी।
- नहीं
व्यक्ति तीन:
- आम
- तीन साल
- देखभाल की थी।
- हाँ
व्यक्ति चार:
- नारियल
- छ साल
- देखभाल की थी।
- हाँ
खोजबीन (पृष्ठ संख्या 27)
प्रश्न 1 हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।
उत्तर- चिपको आंदोलन पेड़ों की सुरक्षा से जुड़ा आंदोलन था। यह आन्दोलन चमोली जिले में सन 1973 में प्रारम्भ हुआ।धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे उत्तराखंड में फैल गया। इस आंदोलन को सुंदरलाल बहुगुणा ने शुरू किया जिसमें स्त्रियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसमें लोगों ने पेड़ों केा गले लगा लिया ताकि उन्हें कोई काट न सके। इसलिए इस आंदोलन का नाम चिपको पड़ा। यह आंदोलन पूरी तरह अहिंसक था और बेहद सफल हुआ।
समान अर्थ शब्दों (पृष्ठ संख्या 27)
प्रश्न 1 इन शब्दों के समान अर्थ वाले कुछ शब्दों को लिखो।
धरती-________
चिड़िया-________
हवा-________
पेड़- ________
दुनिया-_______
उत्तर- धरती – पृथ्वी, वसुधा
चिड़िया – पक्षी, पंछी
हवा – पवन, वायु
पेड़ – तरु, वृक्ष
दुनिया – विश्व, संसार
