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अध्याय-11: हमारे चारों ओर वायु – Class 6 – रसायन विज्ञान

अध्याय-11: हमारे चारों ओर वायु वायु :- वायु गैसों का मिश्रण होती है। जिसमें नाइट्रोजन 78% , ऑक्सीजन 21%, ऑर्गन 0.9% और अन्य गैसे 0.1 प्रतिशत होती है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि वायु गैसों के 100% मिश्रण से बनती है। जिसका कोई भी रंग नहीं होता और यह सभी दिशाओं में अपना […]

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अध्याय-10: चुंबकों द्वारा मनोरंजन-Class 6-भौतिक विज्ञान

अध्याय-10: चुंबकों द्वारा मनोरंजन चुंबक प्राचीन यूनान गड़रिए मैग्नस ने चुम्बक की खोज की । गड़रिए के नाम पर उस पत्थर को मैग्नेटाइट नाम दिया। मैग्नेटाइट में लोहा होता है। वह पदार्थ जो लोह पदार्थों को अपनी और आकर्षित करता है तथा स्वतंत्रता पूर्वक लटकाए जाने पर हमेशा भौगोलिक उत्तर दक्षिण दिशा में ठहरता है

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अध्याय-9: विद्युत् तथा परिपथ-Class 6-भौतिक विज्ञान

अध्याय-9: विद्युत् तथा परिपथ विद्युत :- यह एक प्रकार की ऊर्जा होती है। ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार, हम ऊर्जा को न तो उत्पन्न कर सकते हैं, और न ही ऊर्जा को नष्ट कर सकते हैं, इसको केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है। किसी चालक में विद्युत आवेशों के

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अध्याय-8: प्रकाश- छायाएँ एवं परावर्तन-Class 6-भौतिक विज्ञान

अध्याय-8: प्रकाश- छायाएँ एवं परावर्तन प्रकाश प्रकाश एक प्रकार की ऊर्जा है, जिसकी सहायता से हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं। अर्थात् जो विकिरण हमारी आँख को संवदित करती हो, प्रकाश कहलाती है। <br> विद्युत चुम्बकीय विकिरण के स्पेक्ट्रम का वह भाग जो मनुष्य की आँख पर दृष्टि संवेदना ठत्पन्न करता है, प्रकाश कहलाता है। प्रकाश

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अध्याय-7: गति एवं दूरियों का मापन-Class 6- भौतिक विज्ञान

अध्याय-7: गति एवं दूरियों का मापन गति सामान्य शब्दों में गति का अर्थ – वस्तु की स्थिति में परिवर्तन गति कहलाती है। गति (Motion)= यदि कोई वस्तु अपनी स्थिति अपने चारों ओर कि वस्तुओं की अपेक्षा बदलती रहती है तो वस्तु की इस स्थिति को गति कहते है। जैसे- नदी में चलती हुई नाव, वायु

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अध्याय-6:सजीव- विशेषताएँ एवं विकास-Class 6-विज्ञान

अध्याय-6:सजीव- विशेषताएँ एवं विकास सजीव एक या कई कोशिकाओं से बने सभी प्राणियों को सजीव कहा जाता है। सजीव कई प्रकार के कार्य करने की क्षमता रखते हैं, जैसे कि सांस लेना,  प्रजनन करना, बढ़ना और विकसित होना, खाना, अपने पर्यावरण के साथ बातचीत करना और प्रतिक्रिया करना। दूसरे शब्दों सजीव की परिभाषा यह है

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अध्याय-5: शरीर मे गति-Class 6-विज्ञान

अध्याय-5: शरीर मे गति शरीर मानव शरीर मनुष्य के समस्त अंगों का समुच्चय। शरीररचना-विज्ञान – अंगों और उनके विन्यास का वर्णन करने वाला विज्ञान। शरीर योजना/शारीरिक योजना – किसी जीव के शरीर के ढाँचे व अकार, उसके अंगों और उनके आपस में काम करने का ढंग। गति जब कोई वस्तु अन्य वस्तुओं की तुलना में

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अध्याय-4: पौधों को जानिए-Class 6-विज्ञान

अध्याय-4: पौधों को जानिए पौधे पादप या उद्भिद (plant) जीवजगत का एक बड़ी श्रेणी है जिसके अधिकांश सदस्य प्रकाश संश्लेषण द्वारा शर्कराजातीय खाद्य बनाने में समर्थ होते हैं। ये गमनागम (locomotion) नहीं कर सकते। वृक्ष, फर्न (Fern), मॉस (mosses) आदि पादप हैं। अगर हम पने आस पास देखे हमें दो तरह की वस्तुएं दिखाई देती

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अध्याय-1: भोजन के घटक-Class 6-विज्ञान

अध्याय-1: भोजन के घटक भोजन ऐसा कोइ भी पदार्थ जो शर्करा (कार्बोहाइड्रेट), वसा, जल तथा/अथवा प्रोटीन से बना हो और जीव जगत द्वारा ग्रहण किया जा सके, उसे भोजन कहते हैं। जीव न केवल जीवित रहने के लिए बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन बिताने के लिए भोजन करते हैं। भोजन क्यों आवश्यक हैं सभी सजीव

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अध्याय-14: वन के मार्ग में तुलसीदास-Class 6-हिन्दी

अध्याय-14: वन के मार्ग में तुलसीदास सारांश प्रस्तुत कविता में तुलसीदास जी ने तब का प्रसंग बताया है, जब श्री राम, लक्ष्मण और सीता जी वनवास के लिए निकले थे। नगर से थोड़ी दूर निकलते ही सीता जी थक गईं, उनके माथे पर पसीना छलक आया और उनके होंठ सूखने लगे। जब लक्ष्मण जी पानी

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