
वाक्य
दो या दो से अधिक पदों के सार्थक समूह को, जिसका पूरा पूरा अर्थ निकलता है, वाक्य कहते हैं।
उदाहरण : ‘सत्य कड़वा होता है ।’
एक वाक्य है क्योंकि इसका पूरा पूरा अर्थ निकलता है किन्तु ‘सत्य होता कड़वा।’ वाक्य नहीं है क्योंकि इसका अर्थ नहीं निकलता है।
वाक्य की परिभाषा –
दो या दो से अधिक शब्दों के समूह जिसका कोई अर्थ हो उसे वाक्य कहा जाता है। एक सामान्य वाक्य को बनाने के लिए कर्ता, कर्म और क्रिया का इस्तेमाल किया जाता है।
जैसे :-
- मनुष्य का कर्म ही उसका धर्म है।
- जीत सदैव सत्य की होती है।
वाक्य के भेद –
वाक्य का विभाजन दो आधार पर किया गया है|
- रचना के आधार पर
- अर्थ के आधार पर
- रचना के आधार पर –
- साधारण वाक्य
- संयुक्त वाक्य
- मिश्रित वाक्य
- साधारण वाक्य –
ऐसे वाक्य जिन्हें एक ही विधेय और एक ही क्रिया होती है, इन्हें साधारण वाक्य कहा जाता है।
साधारण वाक्य के उदाहरण –
जैसे :-
- राहुल पड़ता है।
- मैंने भोजन कर लिया।
- रीना घर जा रही है।
- संयुक्त वाक्य –
जब दो या दो से अधिक साधारण वाक्य समानाधिकरण समुच्चयबोधको से जुड़े होते हैं, तो ऐसे वाक्य को संयुक्त वाक्य कहा जाता है।
संयुक्त वाक्य के उदाहरण –
जैसे :-
- राहुल चला गया और गीता आ गई।
- मैं जा रहा हूं लेकिन तुम आ रहे हो।
- मैंने एक काम कर लिया पर दूसरा काम छोड़ दिया।
- मिश्रित वाक्य –
ऐसे वाक्य जिनमें एक वाक्य मुख्य हो और दूसरा वाक्य उस पर आश्रित हो या उपवाक्य हो, तो ऐसे वाक्यों को मिश्रित वाक्य कहा जाता है।
मिश्रित वाक्य के उदाहरण –
जैसे:-
- ज्यों ही अध्यापक मैं कक्षा में प्रवेश किया वैसे ही छात्र शांत हो गए।
- यदि परिश्रम करोगे तो तुम अवश्य सफल हो जाओगे।
- मैं जानता हूं कि तुम्हें क्या अच्छा लगता है।
- अर्थ के आधार पर –
अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते हैं।
- विधानवाचक वाक्य
- निषेधवाचक वाक्य
- आज्ञावाचक वाक्य
- प्रश्नवाचक वाक्य
- विस्मयादिबोधक वाक्य
- इच्छावाचक वाक्य
- संदेहवाचक वाक्य
- संकेतवाचक वाक्य
- विधानवाचक वाक्य
ऐसे वाक्य जिनमें किसी भी कार्य के होने का या किसी के अस्तित्व का पता चलता है या बोध होता है, उन वाक्य को विधानवाचक वाक्य कहते हैं।
विधानवाचक वाक्य को दूसरे शब्दों में विधि वाचक वाक्य भी कहा जाता है।
विधानवाचक वाक्य के उदाहरण
- राजस्थान मेरा राज्य है।
- विशाल ने आम खा लिया।
- पवन के पिता का नाम किशोर सिंह है।
- निषेधवाचक वाक्य
ऐसे वाक्य जिनमें किसी भी कार्य के निषेध का बोध होता है, उन वाक्यों को निषेधवाचक वाक्य कहा जाता है।
निषेधवाचक वाक्य के उदाहरण
- राधा आज स्कूल नहीं जाएगी।
- आज मैं फिल्म देखने नहीं जाऊंगा।
- हम आज कहीं पर भी घूमने नहीं जाएंगे।
- आज्ञावाचक वाक्य
वह वाक्य जिनमें आदेश, आज्ञा या अनुमति का पता चलता हो, उन वाक्य को आज्ञा वाचक वाक्य कहा जाता है।
आज्ञावाचाक वाक्य के उदाहरण
- कृपया वहां पर बैठ जाइए।
- कृपया करके शांति बनाए रखें।
- आपको अपनी मदद स्वयं करनी पड़ेगी।
- प्रश्नवाचक वाक्य
ऐसे वाक्य जिनमें किसी प्रश्न का बोध हो, उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहा जाता है। प्रश्नवाचक वाक्य के नाम से ही पता चलता है कि इस वाक्य में प्रश्नों का बोध होने वाला है।
इन वाक्यों के माध्यम से प्रश्न पूछकर वस्तु या किसी अन्य के बारे में जानकारी जानने की कोशिश की जाती है। इसके अलावा इन वाक्यों के पीछे (?) यह चिन्ह लगता है।
प्रश्नवाचक वाक्य के उदाहरण
- तुम्हारा कौन सा देश है?
- तुम कौन से गांव में रहते हो?
- तुम्हारा नाम क्या है?
- तुम्हारी बहन क्या काम करती है?
- विस्मयादिबोधक वाक्य
जिन वाक्य में आश्चर्य, घृणा, अत्यधिक, खुशी, शौक का बोध होता हो, उन वाक्य को विस्मयादिबोधक वाक्य कहा जाता है। इसके अलावा इन वाक्यों में विस्मय शब्द होते हैं और इन शब्दों के पीछे (!) विस्मयसूचक लगता है और इसी से इन वाक्य की पहचान बनती है। मतलब यह है कि इसी सूचक चिन्ह के आधार पर इन वाक्यों को आसानी से पहचाना जाता है।
विस्मयादिबोधक वाक्य के उदाहरण
- ओह! आज दिन कितना ठंडा है।
- बल्ले बल्ले! हमें जीत मिल गई।
- अरे! तुम यहां कब पहुंचे।
- इच्छावाचक वाक्य
वे वाक्य जिसमें हमें वक्ता की कोई इच्छा, आकांक्षा, आशीर्वाद, कामना इत्यादि का पता चलता है, उन वाक्य को इच्छा वाचक वाक्य कहते हैं।
इच्छावाचक वाक्य के उदाहरण
- सदा खुश रहो।
- दीपावली की आपके परिवार को शुभकामनाएं।
- तुम्हारा कल्याण हो।
- संदेहवाचक वाक्य
जिन वाक्य में किसी भी प्रकार की संभावना और सदेंह का बोध होता हो, उन वाक्य को संदेहवाचक वाक्य कहा जाता है।
संदेहवाचक वाक्य के उदाहरण
- लगता है राम अब ठीक हो गया है।
- शायद आज बारिश हो सकती है।
- शायद मेरा भाई इस काम के लिए मान गया है।
- संकेतवाचक वाक्य
वह वाक्य जिनमें एक क्रिया या दूसरी क्रिया पर पूरी तरह से निर्भर हो, उन वाक्य को संकेतवाचक वाक्य कहा जाता है।
संकेतवाचक वाक्य के उदाहरण
- अच्छे से प्रैक्टिस करते,तो मैडल मिल जाता।
- अच्छी तैयारी की होती, तो सिलेक्शन हो जाता।
- कार को धीरे चलाते, तो पेट्रोल खत्म नहीं होता।
