अध्याय-5: शरीर मे गति-Class 6-विज्ञान

अध्याय-5: शरीर मे गति शरीर मानव शरीर मनुष्य के समस्त अंगों का समुच्चय। शरीररचना-विज्ञान – अंगों और उनके विन्यास का वर्णन करने वाला विज्ञान। शरीर योजना/शारीरिक योजना – किसी जीव के शरीर के ढाँचे व अकार, उसके अंगों और उनके आपस में काम करने का ढंग। गति जब कोई वस्तु अन्य वस्तुओं की तुलना में […]

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अध्याय-4: पौधों को जानिए-Class 6-विज्ञान

अध्याय-4: पौधों को जानिए पौधे पादप या उद्भिद (plant) जीवजगत का एक बड़ी श्रेणी है जिसके अधिकांश सदस्य प्रकाश संश्लेषण द्वारा शर्कराजातीय खाद्य बनाने में समर्थ होते हैं। ये गमनागम (locomotion) नहीं कर सकते। वृक्ष, फर्न (Fern), मॉस (mosses) आदि पादप हैं। अगर हम पने आस पास देखे हमें दो तरह की वस्तुएं दिखाई देती

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अध्याय-1: भोजन के घटक-Class 6-विज्ञान

अध्याय-1: भोजन के घटक भोजन ऐसा कोइ भी पदार्थ जो शर्करा (कार्बोहाइड्रेट), वसा, जल तथा/अथवा प्रोटीन से बना हो और जीव जगत द्वारा ग्रहण किया जा सके, उसे भोजन कहते हैं। जीव न केवल जीवित रहने के लिए बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन बिताने के लिए भोजन करते हैं। भोजन क्यों आवश्यक हैं सभी सजीव

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अध्याय-14: वन के मार्ग में तुलसीदास-Class 6-हिन्दी

अध्याय-14: वन के मार्ग में तुलसीदास सारांश प्रस्तुत कविता में तुलसीदास जी ने तब का प्रसंग बताया है, जब श्री राम, लक्ष्मण और सीता जी वनवास के लिए निकले थे। नगर से थोड़ी दूर निकलते ही सीता जी थक गईं, उनके माथे पर पसीना छलक आया और उनके होंठ सूखने लगे। जब लक्ष्मण जी पानी

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अध्याय-13: नौकर-Class 6-हिन्दी

अध्याय-13: नौकर -अनु बंदोपाध्याय सारांश प्रस्तुत निबंध में लेखिका ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों का वर्णन किया है। प्रस्तुत पाठ में लेखिका बताती है कि आम-तौर पर नौकरों चाकरों द्वारा किये जाने वाले काम गांधीजी स्वयं ही कर लिया करते थे। गांधीजी किसी भी कार्य को करने में झिझकते नहीं थे। बल्कि दूसरों को भी

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अध्याय-12: लोकगीत-Class 6-हिन्दी

अध्याय-12: लोकगीत -भगवतशरण उपाध्याय सारांश मनोरंजन की दुनिया में लोकगीतों का महत्त्वपूर्ण स्थान हैं। गीत संगीत के बिना हमारा मन नीरस हो जाता है। हमारी जीवन में लोकगीत और संगीत का अटूट संबंध है। लोकगीत अपनी ताजगी और लोकप्रियता से शास्त्रीय संगीत से भिन्न हैं। ये सीधे जनता का संगीत हैं। ये गाँव जनता का

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अध्याय-11: मैं सबसे छोटी होऊं-Class 6-हिन्दी

अध्याय-11: मैं सबसे छोटी होऊं -सुमित्रानंदन पंत सारांश प्रस्तुत कविता में एक बालिका अपनी माँ की सबसे छोटी संतान बनने की इच्छा प्रकट करती है। ऐसा करने से वह सदा अपनी माँ का प्यार और दुलार पाती रहेगी। उसकी गोद में खेल पाएगी। उसकी माँ हमेशा उसे अपने आँचल में रखेगी, उसे कभी अकेला नहीं

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अध्याय-10: संसार पुस्तक है-Class 6-हिन्दी

अध्याय-10: संसार पुस्तक है -जवाहरलाल नेहरू सारांश प्रस्तुत कविता में एक बालिका अपनी माँ की सबसे छोटी संतान बनने की इच्छा प्रकट करती है। ऐसा करने से वह सदा अपनी माँ का प्यार और दुलार पाती रहेगी। उसकी गोद में खेल पाएगी। उसकी माँ हमेशा उसे अपने आँचल में रखेगी, उसे कभी अकेला नहीं छोड़ेगी।

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अध्याय-09: जो देखकर भी नहीं देखते-Class 6-हिन्दी

अध्याय-09: जो देखकर भी नहीं देखते -हेलेन केलर सारांश प्रस्तुत पाठ लेखिका हेलेन केलर द्वारा लिखा गया प्रेरक लेख है। जो स्वयं दृष्टिहीन और बधिर थी। इस पाठ के द्वारा उन्होंने मनुष्यों को अपना जीवन बेहतर बनाने की प्रेरणा दी है। लेखिका की सहेली कुछ दिन पहले जंगल की सैर कर आई थी। लेखिका ने

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अध्याय-8: झाँसी की रानी-Class 6-हिन्दी

अध्याय-8: झाँसी की रानी -सुभद्रा कुमारी चौहान सारांश प्रस्तुत कविता में कवयित्री ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई द्वारा दिखाए गए अदम्य शौर्य का उल्लेख किया है। उस युद्ध में लक्ष्मीबाई ने अपनी अद्भुत युद्ध कौशल और साहस का परिचय देकर बड़े-बड़े वीर योद्धाओं को भी हैरान कर दिया था। उनकी

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