class 7 hindi – vasant

Class 7 हिन्दी – अध्याय-5: पापा खो गए

-श्री विजय तेंदुलकर सारांश प्रस्तुत पाठ विजय तेंदुलकर द्वारा लिखी गई एकांकी है। इस एकांकी में उन्होंने निर्जीव वस्तुओं को सजीव रूप में प्रस्तुत किया है। इस कहानी में मुख्य पात्र हैं- बिजली का खंभा पेड़ लैटर बॉक्स कौआ नाचने वाली लड़की आदमी समुद्र के किनारे एक फुटपाथ पर एक बिजली का खंभा,एक पेड़ और […]

Class 7 हिन्दी – अध्याय-5: पापा खो गए Read More »

Class 7 हिन्दी – अध्याय-4: मीठाईवाला

-भगवतीप्रसाद वाजपेयी सारांश मिठाई वाला कहानी एक बहुत ही मार्मिक कहानी है। यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो अपने बच्चे किसी कारणवश खो देता है और अब उन्हीं बच्चों का प्यार वह अन्य बच्चों की खुशी में तलाशता है। कहानी का सार कुछ इस प्रकार है। नगर में एक मादक-मधुर स्वर में गाने

Class 7 हिन्दी – अध्याय-4: मीठाईवाला Read More »

Class 7 हिन्दी – अध्याय-3: कठपुतली

-भवानी प्रसाद सारांश प्रस्तुत कविता कवि भवानी प्रसाद द्वारा लिखित है। कवि ने कठपुतलियों के मन की व्यथा को दर्शाया है। ये सभी धागों में बंधे-बंधे परेशान हो चुकी हैं और इन्हें दूसरों के इशारों पर नाचने में दुख होता है। इस दुख से बाहर निकलने के लिए एक कठपुतली विद्रोह के शुरुआत करती है,

Class 7 हिन्दी – अध्याय-3: कठपुतली Read More »

Class 7 हिन्दी – अध्याय-2: हिमालय की बेटियाँ

-नागार्जुन सारांश हिमालय की बेटियाँ नागार्जुन द्वारा लिखा एक प्रसिद्ध निबंध है। इस निबंध में लेखक ने नदियों के प्रति अपनी अपार श्रद्धा को प्रकट किया है। इस पाठ में उन्होंने हिमालय और उससे निकलने वाली नदियों के बारे में बताया है। लेखक कहते हैं कि हिमालय से बहने वाली गंगा, यमुना, सतलुज आदि नदियाँ

Class 7 हिन्दी – अध्याय-2: हिमालय की बेटियाँ Read More »

Class 7 हिन्दी – अध्याय-1: हम पंछी उन्मुक्त गगन के

-शिवमंगल सिंह सुमन काव्यांश हम पंछी उन्‍मुक्‍त गगन के पिंजरबद्ध न गा पाएँगे, कनक-तीलियों से टकराकर पुलकित पंख टूट जाएँगे। भावार्थ- कविता की इन पंक्तियों में पंछियों की स्वतंत्र होने की चाह को दर्शाया है। इन पंक्तियों में पक्षी मनुष्यों से कहते हैं कि हम खुले आकाश में उड़ने वाले प्राणी हैं, हम पिंजरे में

Class 7 हिन्दी – अध्याय-1: हम पंछी उन्मुक्त गगन के Read More »

Scroll to Top