class 7 hindi – vasant

Class 7 हिन्दी – अध्याय-15: आश्रम का अनुमानित व्यय

-मोहनदास करमचंद गांधी सारांश मोहनदास करमचंद गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से लौटकर अहमदाबाद में एक आश्रम की स्थापना की थी। इस पाठ में उसी आश्रम का खर्च के बारे में जानकारी दी गई है। आरंभ में आश्रम में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या 40 जो आगे जाकर 50 के पास पहुँच सकती है। हर महीने […]

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-14: संघर्ष के कराण मैं तुनुकमिजाज हो गया धनराज

-विनीता पांडेय सारांश यह पाठ हॉकी के प्रसिद्ध खिलाड़ी धनराज पिल्लै का पैंतीस वर्ष के हो जाने पर विनीता पाण्डेय द्वारा लिया गया साक्षात्कार है। इस पाठ ने धनराज पिल्लै के बचपन से लेकर अब तक की प्रमुख घटनाओं का वर्णन है। साक्षात्कार सार कुछ इस प्रकार से हैं- धनराज पिल्लै का बचपन कठिनाइयों से

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-13: वीर कुवर सिंह

प्रस्तुत पाठ में सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा कुँवरसिंह की वीरता और साहस का वर्णन किया गया है। अंग्रजों के विरुद्ध विद्रोह करने पर 8 अप्रैल सन 1857 को मंगल पांडे को फाँसी की सजा दे दी गई थी। 10 मई 1857 को मेरठ में भारतीय सैनिकों ने अंग्रजों के खिलाफ आंदोलन किया।

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-12: भोर और बरखा

-मीरा बाई सारांश भोर और बरखा’ मीरा बाई द्वारा रचित है। इसमें दो पद हैं। पहले पद में मीराबाई ने ब्रज की भोर का सुंदर वर्णन किया है। दूसरे पद में सावन ऋतु का वर्णन है। पहले पद में माता यशोदा श्रीकृष्ण को संबोधित करते हुए ‘बंसीवारे ललना’, ‘मोरे प्यार’, ‘लाल जी’, उपर्युक्त कथन कहते

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-11: नीलकंठ

-महादेवी वर्मा  सारांश नीलकंठ पाठ लेखिका महादेवी द्वारा लिखा गया रेखाचित्र है। इस रेखाचित्र में उनके द्वारा पाले गए मोर जिसे उन्होंने नीलकंठ नाम दिया था उसका वर्णन किया गया है। इस रेखाचित्र में उन्होंने नीलकंठ के स्वभाव, व्यवहार और चेष्टाओं का विस्तार से वर्णन किया है। कहानी का सार कुछ इस प्रकार है- एक

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class 7 हिन्दी – अध्याय-10: खानपान की बदलती तस्वीर

-प्रयाग शुक्ल सारांश खानपान की बदलती तस्वीर लेखक प्रयाग शुक्ल द्वारा लिखा गया प्रसिद्ध निबंध हैं। निबंध का सार कुछ इस प्रकार है- पिछले 10-15 वर्षों से हमारी खानपान की संस्कृति में बड़ा बदलाव है। इडली, डोसा, सांभर, रसम न केवल दक्षिण भारत तक सीमित न होकर पूरे देश में प्रसिद्ध हो गया है। इसके

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-9: एक तिनका

-हरिऔध काव्यांश एक तिनका कविता में कवि हरिऔध जी ने हमें घमंड ना करने की प्रेरणा दी है। इस कविता के अनुसार, एक दिन वो बड़े घमंड के साथ अपने घर की मुंडेर पर खड़े होते हैं, तभी उनकी आँख में एक तिनका गिर जाता है। उन्हें बड़ी तकलीफ होती है और जैसे-तैसे तिनका उनकी

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-8: रहीम की दोहे

-रहीम सारांश रहीम के दोहे हमें कई तरह की नैतिक शिक्षा और जीवन का गहरा ज्ञान देते हैं। पाठ में दिए गए दोहों में सच्चे मित्र, सच्चे प्रेम, परोपकार, मनुष्य की सहनशक्ति आदि के बारे में बहुत ही सरल और मनोहर ढंग से बताया है। पहले दोहे में रहीम ने सच्चे मित्र के बारे में

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-7: अपूर्व अनुभव

-तेत्सुको कुरियानागी सारांश यह कहानी मूलतः जापानी भाषा में लिखी गई है। जिसमें तोमोए में पढ़ने वाले तोत्तो-चान तथा यासुकी-चान नामक दो जापानी बच्चों के पेड़ पर चढ़ने के संघर्ष को दिखाया गया है। कहानी का सार कुछ इस प्रकार है- तोमोए का हर-एक बच्चा बाग के एक-एक पेड़ को खुद के चढ़ने का पेड़

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-6: शाम-एक किसान

-सर्वेश्वर दयाल सक्सेना सारांश सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी ने अपनी कविता ‘शाम-एक किसान’ में शाम के समय का बड़ा ही मनोहर वर्णन किया है। शाम का प्राकृतिक दृश्य बहुत ही सुंदर है। इस दौरान पहाड़ – बैठे हुए किसी किसान जैसा दिख रहा है। आकाश उसके माथे पर बंधे एक साफे (पगड़ी) की तरह दिख

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