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Class 7 हिन्दी – अध्याय-1: बाल महाभारत

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प्रश्न-अभ्यास प्रश्न (पृष्ठ संख्या 97-98)

सी.राजगोपालाचार्य

प्रश्न 1 गंगा ने शांतनु से कहा- “राजन! क्या आप अपना वचन भूल गए”? तुम्हारे विचार से शांतनु ने गंगा को क्या वचन दिया होगा?

उत्तर- सम्भवत: राजा शांतनु ने गंगा को यह वचन दिया होगा कि वे गंगा के किसी भी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे तथा उसकी इच्छा का सम्मान करेंगे।

प्रश्न 2 महाभारत के समय में राजा के बड़े पुत्र को अगला राजा बनाने की परपंरा थी। इस परंपरा को ध्यान में रखते हुए बताओ कि तुम्हारे अनुसार किसे राजा बनाया जाना चाहिए था-युधिष्ठिर या दुर्योधन को? अपने उत्तर का कारण बताओ।

उत्तर- पांडु भरत वंश के राजा थे। उनकी मृत्यु के पश्चात् युधिष्ठिर को राजा बनना चाहिए था परन्तु युधिष्ठिर की आयु कम होने के कारण उनके बड़े होने तक राज्य की ज़िम्मेदारी धृतराष्ट्र को दी गई थी। युधिष्ठिर के बड़े होने के पश्चात् न्यायोचित तो यही था कि युधिष्ठिर को उनका कार्य-भार सौंप दिया जाता। अत: भरत वंश की परंपरा के अनुसार राज्य पद के अधिकारी युधिष्ठिर ही थे।

प्रश्न 3 महाभारत के युद्ध को जीतने के लिए कौरवों और पांडवों ने अनेक प्रयास किए। तुम्हें दोनों के प्रयासों में जो उपयुक्त लगे हों, उनके कुछ उदाहरण दो।

उत्तर-  युद्ध जीतने के लिए कौरवों तथा पांडवों दोनों ने प्रयास किए हैं।

कौरवों द्वारा किए गए प्रयास:

  • युद्ध में पितामह भीष्म तथा गुरू द्रोणाचार्य को सेना का नेतृत्व सौंपना।
  • दुर्योधन का कृष्ण के पास युद्ध के लिए सहायता मांगने जाना।
  • चक्रव्यूह की रचना करना।
  • अर्जुन को दूर भेजना।

पांडवों द्वारा युद्ध के लिए किए गए प्रयास:

  • कर्ण का वध।
  • दुःशासन का वध।
  • दुर्योधन के भाई युयुत्सु पर विश्वास कर युद्ध में सम्मिलित करना।
  • कृष्ण का साथ माँगना।
  • अभिमन्यु द्वारा चक्रव्यूह तोड़ना।

प्रश्न 4 तुम्हारे विचार से महाभारत के युद्ध को कौन रूकवा सकता था? कैसे?

उत्तर- महाराज धृतराष्ट्र उस समय भरत वंश के राजा थे। उनकी आज्ञा का पालन करना प्रजा का कर्तव्य था। यदि वे निश्चय के पक्के होते तो अपने पुत्रों को आज्ञा देकर युद्ध को टाल सकते थे। परन्तु एक राजा होते हुए भी अपने राज्य के भविष्य के हित में वे कोई दृढ़ निश्चय नहीं कर पाए।

प्रश्न 5 इस पुस्तक में से कोई पाँच मुहावरे चुनकर उनका वाक्यों में प्रयोग करो।

उत्तर- पाठ पर आधारित मुहावरे:

  1. वज्र के समान गिरना: (अधिक कष्ट होना) अपमान के कटु वचन उसके हृदय पर व्रज के समान लगे
  2. जन्म से बैरी: (घोर शत्रुता होना) दोनों भाई इतना लड़ते हैं, मानो जन्म से बैरी हो।
  3. खलबली मच जाना: (नियंत्रण न होना) शिक्षक के न आने से पूरी कक्षा में खलबली मच गई।
  4. दंग करना: (हैरान करना) छोटे से बच्चे में इतना बल देखकर मैं दंग रह गया।
  5. दग्ध-हृदय: (मन दुःखी होना) दग्ध हृदय के साथ उसने अपने पुत्र को अंतिम बार विदा किया।

प्रश्न 6 महाभारत में एक ही व्यक्ति के एक से अधिक नाम दिए गए हैं। बताओ, नीचे लिखे हुए नाम किसके हैं?

पृथा, राधेय, वासुदेव, गांगेय, सैरंध्री, कंक

उत्तर- 

  • पृथा – कुंती
  • राधेय – कर्ण
  • वासुदेव – श्री कृष्ण
  • गांगेय – गंगा पुत्र ‘भीष्म’
  • सैरंध्री – द्रोपदी
  • कंक – युधिष्ठर

प्रश्न 7 इस पुस्तक में भरतवंश की वंशावली दी गई है। तुम भी अपने परिवार की ऐसी ही एक वंशावली तैयार करो। इस कार्य के लिए तुम अपने बड़े लोगों से मदद ले सकते हो।

उत्तर-

प्रश्न 8 तुम्हारे अनुसार महाभारत कथा में किस पात्र के साथ सबसे अधिक अन्याय हुआ और क्यों?

उत्तर- 

महाभारत की कथा में द्रौपदी के साथ सबसे अधिक अन्याय हुआ क्योंकि युद्ध पांडवों तथा कौरवों के बीच था। द्रौपदी की किसी के साथ शत्रुता नहीं थी। फिर भी उसे पूरी राजसभा में सबके सामने अपमानित किया गया। युद्ध में अपने पाँचों पुत्रों से हाथ धोना पड़ा तथा पाँचों पांडवों के साथ वनवास जाना पड़ा।

प्रश्न 9 महाभारत के युद्ध में किसकी जीत हुई? (याद रखो कि इस युद्ध में दोनों पक्षों के लाखों लोग मारे गए थे।)

उत्तर-  महाभारत के युद्ध में पांडवों की जीत होती है। क्योंकि दोनों पक्षों में लोगों की मृत्यु होने के बाद भी पाँचों पांडव जीवित थे। उन्हें कौरवों की अपेक्षा कम क्षति उठानी पड़ी।

प्रश्न 10 तुम्हारे विचार से महाभारत की कथा में सबसे अधिक वीर कौन था/ थी? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।

उत्तर- महाभारत की कथा में सबसे अधिक वीरता अर्जुन पुत्र अभिमन्यु में देखी गई क्योंकि पूरे युद्ध में सबसे छोटा बालक होते हुए भी उसने अपनी वीरता का परिचय देते हुए अकेले ही छ: महारथियों के साथ युद्ध किया, चक्रव्यूह तोड़ने का प्रयास किया तथा अस्त्र समाप्त होने के बाद भी रथ के पहिए को अस्त्र बना कर लड़ता रहा।

प्रश्न 11 महाभारत के कुछ पात्रों द्वारा कही गई बातें नीचे दी गई हैं। इन बातों को पढ़कर उन पात्रों के बारे में तुम्हारे मन में क्या विचार आते हैं:

  1. शांतनु ने केवटराज से कहा- “जो माँगोगे दूँगा, यदि वह मेरे लिए अनुचित न हो”।
  2. दुर्योधन ने कहा- “अगर बराबरी की बात है, तो मैं आज ही कर्ण को अंगदेश का राजा बनाता हूँ”।
  3. धृतराष्ट्र ने दुर्योधन से कहा- “बेटा, मैं तूम्हारी भलाई के लिए कहता हूँ कि पाँडवों से वैर न करो। वैर दुख और मृत्यु का कारण होता है”।
  4. द्रोपदी ने सारथी प्रातिकामी से कहा- “रथवान! जाकर उन हारने वाले जुए के खिलाड़ी से पूछो कि पहले वह अपने को हारे थे या मुझे”?

उत्तर- 

  1. शांतनु सत्यवती से बहुत प्रेम करते थे। इसलिए उसे पाने के लिए वे केवटराज, को कुछ भी देने के लिए तैयार थे, शांतनु विवेकशील थे इसलिए उन्होंने उचित अनुचित का भी ध्यान रखा।
  2. दुर्योधन महत्वकाँक्षी था उसने अर्जुन को नीचा दिखाने के लिए कर्ण से मित्रता करने का निश्चय किया।
  3. यहाँ धृतराष्ट्र के दूरदर्शी होने की प्रवृति का पता चलता है तथा उन्हें पांडवों से बहुत स्नेह था।
  4. यहाँ राजा युधिष्ठिर के प्रति द्रोपदी के मन में आक्रोश की भावना है।

प्रश्न 12 युधिष्ठिर ने आचार्य द्रोण से कहा-“अश्वत्थामा मारा गया, मनुष्य नहीं, हाथी।” युधिष्ठिर सच बोलने के लिए प्रसिद्ध थे। तुम्हारे विचार से उन्होंने द्रोण से सच कहा था या झूठ? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।

उत्तर- युधिष्ठिर का यह कथन अधूरा सच है। युधिष्ठिर के मन में उस समय गुरू द्रोणाचार्य को धोखा देने की बात चल रही थी। वह झूठ बोलना चाहते थे, परन्तु सच बोलने के लिए बाध्य थे। युधिष्ठिर के मुख से निकले हुए शब्दों का अर्थ कुछ और था, यह वे जानते थे।

प्रश्न 13 महाभारत के युद्ध में दोनों पक्षों को बहुत हानि पहुँची। इस युद्ध को ध्यान में रखते हुए युद्धों के कारणों और परिणामों के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखो। शुरूआत हम कर देते हैं –

  1. युद्ध में दोनों पक्षों के असंख्य सैनिक मारे जाते हैं।
  2. ………………………………………
  3. ………………………………………
  4. ………………………………………
  5. ……………………………………..
  6. ……………………………………..

उत्तर- युद्ध में दोनों पक्षों के असंख्य सैनिक मारे जाते हैं।

युद्ध में हमारी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है।

केवल अपने स्वार्थ के विषय में सोचकर युद्ध का फैसला लिया जाता है।

युद्ध में प्रतिशोध की भावना प्रबल होती है।

युद्ध से केवल विनाश होता है।

युद्ध में जीत केवल एक व्यक्ति की होती है। परन्तु हार दोनों पक्षों की होती है।

युद्ध में केवल स्वजीत की भावना रह जाती है।

प्रश्न 14 

  1. द्रोपदी के पास एक ‘अक्षयपात्र’ था, जिसका भोजन समाप्त नहीं होता था। अगर तुम्हारे पास ऐसा ही एक पात्र हो, तो तुम क्या करोगे?.
  2. यदि ऐसा कोई पात्र तुम्हारे स्थान पर तुम्हारे मित्र के पास हो, तो तुम क्या करोगे?

उत्तर-

  1. यदि ऐसा अक्षयपात्र हो तो हमें ज़रूरतमंदो को भोजन कराकर उनकी सहायता करनी चाहिए।
  2. अपने मित्रों को भी इसी प्रकार से गरीबों की सहायता करने को प्रेरित करना चाहिए।

प्रश्न 15 नीचे लिखे वाक्यों को पढ़ो। सोचकर लिखो कि जिन शब्दों के नीचे रेखा खींची गई है, उनके अर्थ क्या हो सकते हैं?

  1. गंगा के चले जाने से शांतनु का मन विरक्त हो गया।
  2. द्रोणाचार्य ने द्रुपद से कहा-“जब तुम राजा बन गए, तो ऐश्वर्य के मद में आकर तुम मुझे भूल गए”।
  3. दुर्योधन ने धृतराष्ट्र से कहा-“पिता जी, पुरवासी तरह-तरह की बातें करते हैं।”
  4. स्वयंवर मंडप में एक वृहदाकार धनुष रखा हुआ है।
  5. चौसर का खेल कोई हमने तो ईजाद किया नहीं।

उत्तर-

  1. विरक्त − ऊब जाना
  2. मद − नशा, अहंकार
  3. पुरवासी − नगरवासी
  4. वृहदाकार − बड़े आकार का
  5. ईजाद − खोज (आविष्कार)

प्रश्न 16 महाभारत कथा में तुम्हें जो कोई प्रसंग बहुत अच्छा लगा हो, उसके बारे में लिखो। यह भी बताओ कि वह प्रसंग तुम्हें अच्छा क्यों लगा?

उत्तर- महाभारत में अज्ञातवास का प्रसंग बहुत अच्छा लगता है। इसमें अर्जुन ने अकेले ही दुर्योधन की सेना से युद्ध कर उन्हें परास्त किया था। इससे अर्जुन की वीरता का पता चलता है।

प्रश्न 17 तुमने पुस्तक में पढ़ा कि महाभारत कथा कंठस्थ करके सुनाई जाती रही है। कंठस्थ कराने की क्रिया उस समय इतनी महत्वपूर्ण क्यों रही होगी? तुम्हारी समझ से आज के ज़माने में कंठस्थ करने की आदत कितनी उचित है?

उत्तर- समय के साथ-साथ तकनीकी सुविधाओं का आविष्कार हुआ, जैसे – छापाखाना। पहले ऐसी कोई सुविधा नहीं थी इस कारण महाभारत की कथा कंठस्थ करके सुनाई जाती थी। उस समय ज्ञान बाँटने का यही एक मात्र सरल तथा सुलभ साधन था। समय के साथ-साथ धीरे-धीरे हस्तलिपियों का प्रयोग किया जाने लगा। मनुष्य एक सुविधाभोगी प्राणी है, सुविधा की कमी होने के कारण कंठस्थ करने की कला धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है।

Class 7 हिन्दी – अध्याय-15: गीत

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कविता से प्रश्न (पृष्ठ संख्या 85)

केदारनाथ अग्रवाल

प्रश्न 1 कवि फूलों, गीतों और विद्या की खेती क्यों करना चाहता है?

उत्तर- कविता में कवि फूलों, गीतों और विद्या की खेती करने की बात करता है। कवि के अनुसार फूल प्रेम का प्रतीक है। फूलों की खेती से उसका तात्पर्य प्रेम का प्रसार करना है। इससे लोगों में सद्भावना और भाईचारे का विकास होगा। गीतों की खेती से कवि का तात्पर्य है कि वह इनके माध्यम से जन-जन को जागृत करेगा। उसके इस प्रयास में पूरा अपना भारत सहयोग देगा। विद्या की खेती से उसका तात्पर्य विद्या का प्रचार-प्रसार करना है। इस तरह वह भारत के गाँव-गाँव, गली-गली में शिक्षा को बढ़ावा देगा और उपेक्षित लोगों के जीवन को नया भविष्य देगा।

प्रश्न 2 इसी जन्म में, इस जीवन में,

हमको तुमको मान मिलेगा।

इसमें किसे मान मिलने की बात कही गई है?

उत्तर- इसमें कवि ने गरीब और उपेक्षित वर्ग को मान मिलने की बात कही है। अशिक्षा के कारण वे समाज द्वारा दया, घृणा और उपेक्षा का व्यवहार झेलते हैं। शिक्षा उनके जीवन में नया आरंभ करेगी। उसके बाद उनके जीवन में दया, घृणा और उपेक्षा का स्थान नहीं होगा।

प्रश्न 3 कविता की कुछ पंक्तियाँ छाँटकर लिखो जिनसे पता लगता है कि कवि को इस बात पर पूरा भरोसा है कि एक दिन सबको मान मिलेगा।

उत्तर-  इन पंक्तियों को पढ़कर पता चलता है कि कवि को पूरा भरोसा है कि एक दिन सबको मान मिलेगा-

इस जीवन में,

हमको तुमको मान मिलगा।

प्रश्न 4 कविता में कवि बार-बार मान मिलने की बात करता है। मान मिलने से हमारे-तुम्हारे जीवन में क्या बदलाव आएगा?

उत्तर-  मान मिलने पर समाज द्वारा स्वीकार कर लिया जाएगा। लोग दया की दृष्टि से नहीं देखेंगे। लोगों में उनके प्रति घृणा का भाव नहीं होगा। वे उपेक्षित नहीं कहे जाएँगे। उनका विकास होगा। ये बदलाव उनके जीवन को बदलकर रख देगें।

समझाना प्रश्न (पृष्ठ संख्या 85)

प्रश्न 1 नीचे कविता में से कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। बताओ, इन पंक्तियों का क्या अर्थ हो सकता है?

दीप बुझे हैं जिन आँखों के,

उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।

उत्तर- भारत में बहुत बड़ी जनसंख्या अशिक्षित है। अशिक्षा के कारण भुखमरी तथा गरीबी चारों और व्याप्त है। कवि इसी ओर संकेत करते हुए कहता है कि समाज में जो लोग अशिक्षित हैं उन्हें शीघ्र ही शिक्षा का अधिकार प्राप्त होगा। अशिक्षित लोग सदैव समाज द्वारा उपेक्षा का शिकार होते हैं। शिक्षा प्राप्त करके वे शिक्षित हो जाएँगे और उन्हें भी समाज में आदर-सम्मान से देखा जाएगा।

प्रश्न 2 नीचे कविता में से कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। बताओ, इन पंक्तियों का क्या अर्थ हो सकता है?

क्लेश जहाँ है, फूल खिलेगा।

उत्तर- लोग अशिक्षा के कारण दूसरे के हाथों की कठपुतली बन जाते हैं। कुछ स्वार्थी लोग धर्म के नाम पर उन्हें आपस में लड़वा देते हैं। शिक्षा उनके विचारों में परिवर्तन लाएगी और तब धार्मिक और जातिए झगड़े समाप्त हो जाएँगे। वहाँ अमन और प्रेम के फूल खिल जाएँगे।

प्रश्न 3 नीचे कविता में से कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। बताओ, इन पंक्तियों का क्या अर्थ हो सकता है?

हमको तुमको प्रान मिलेगा।

उत्तर- हमें और तुम्हें शिक्षा के माध्यम से नया जीवनदान मिलेगा अर्थात् अभी तक हम और तुम गरीबी का जीवन जी रहे थे। इसके बाद हमें भी उपेक्षित समाज में सम्मान और अधिकार मिलेगा। ये सब बातें नवजीवन से कम नहीं होगी।

मान-सम्मान (पृष्ठ संख्या 85)

प्रश्न 1 तुम्हें अपने आस-पास यदि लगे कि किसी को सचमुच में आज भी मान-सम्मान नहीं मिला है ओर उसको तुम मान-सम्मान दिलाना चाहते हो तो उनके नामों की सूची बनाओ।

उत्तर- 

हमारी कामवाली

खेल तमाशा दिखाने वाला

कूड़ा उठाने वाला

गुब्बारे बेचने वाला

हमारा चौकीदार

प्रश्न 2 अपनी सूची में से किसी एक के बारे में बताओ कि उसे मान-सम्मान कैसे मिल सकता है?

उत्तर-  हमारी कामवाली दूसरों के घर में काम करती है इसलिए उसे सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता है। सब उससे डरते हैं कि कहीं काम छोड़कर चली गई तो काम कौन करेगा। परन्तु सम्मान की दृष्टि से कोई नहीं देखता। मैं चाहता हूँ कि लोग उसे सम्मान की दृष्टि से देखें। इसलिए मैं चाहूँगा कि वह पढ़े-लिखे। यदि वह पढ़ेगी तो अपने बच्चों को भी बेहतर भविष्य दे पाएगी। इसलिए मैं उसे पढ़ने के लिए प्रेरित करूँगा।

रिक्त स्थान भरो (पृष्ठ संख्या 86)

प्रश्न 1 

  1. लक्की_______की तरह गरजता है।
  2. सलमा________की तरह दौड़ती है।
  3. मेघाश्री की आवाज़_________की तरह मीठी है।
  4. मनीष के कान__________की तरह तेज़ है।

उत्तर-

  1. लक्की शेर की तरह गरजता है।
  2. सलमा चीते की तरह दौड़ती है।
  3. मेघाश्री की आवाज़ कोयल की तरह मीठी है।
  4. मनीष के कान कुत्ते की तरह तेज़ है।

शब्दों की रचना (पृष्ठ संख्या 86)

प्रश्न 1 अनुमान, अपमान

ये शब्द ‘मान’ शब्द में ‘अनु’ और ‘अप’ उपसर्ग लगाकर बनाए गए हैं। इसी प्रकार तुम भी ‘मान’ शब्द में कुछ दूसरे उपसर्ग लगाकर नए शब्द बनाओ।

उत्तर- 

  1. सम् + मान = सम्मान
  2. वि + मान = विमान
  3. अभि + मान = अभिमान
  4. प्रति + मान = प्रतिमान
  5. सा + मान = सामान

Class 7 हिन्दी – अध्याय-14: पानी और धूप

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वाक्य पूरा करो प्रश्न (पृष्ठ संख्या 81)

-सुभद्रा कुमारी चौहान

प्रश्न 1 सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो

कहाँ से, किसने, क्यों, क्या, किससे, किसको

  1. सूरज ने________बंद कर दिया अपने घर का दरवाजा।
  2. बादल है________काका।
  3. बरसने लगा________यह पानी।
  4. _______फोड़ घड़े बादल के की है इतनी शैतानी।
  5. _______डाँट रहे हैं________कहना नहीं सुना माँ का।

उत्तर- 

  1. सूरज ने क्यों बंद कर दिया अपने घर का दरवाजा।
  2. बादल है किसके काका।
  3. बरसने लगा क्यों यह पानी।
  4. किसने फोड़ घड़े बादल के की है इतनी शैतानी।
  5. किसको डाँट रहे हैं किसने कहना नहीं सुना माँ का

वाक्य पूरा करो प्रश्न (पृष्ठ संख्या 81)

प्रश्न 1 नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।

ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

सूरज ने अपने घर का दरवाज़ा बंद कर लिया।

उत्तर- ऐसा लगता है कि सूरज बादलों में छिप गया होगा।

प्रश्न 2 नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।

ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

काका किसी को ज़ोर-ज़ोर से डाँट रहे हैं।

उत्तर- ऐसा लगता है कि बादल गरज रहे होंगे।

प्रश्न 3 नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।

ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

आँगन में तलवार चल रही है।

उत्तर- ऐसा लगता है कि आसमान में बिजली कड़कने से चिंगारी उठ रही होगी।

कविता में ढूँढ़ो (पृष्ठ संख्या 81)

प्रश्न 1 किन पंक्तियों से पता चलता है कि इस कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है।

उत्तर- 

अगर चाहती हो माँ काका

जाएँ अब न जेलखाना

तो फिर बिजली के घर मुझको

तुम जल्दी से पहुँचाना।

काका जेल न जाएँगे अब

तुझे मँगा दूँगी तलवार

पर बिजली के घर जाने का

अब मत करना कभी विचार।

प्रश्न 2 यह कविता आज़ादी मिलने से पहले के समय में लिखी गई थी। उस समय हमारे देश पर अंग्रेज़ों का राज था। किन पंक्तियों से पता चलता है कि लड़का/ लड़की के काका स्वतंत्रता सेनानी थे?

उत्तर-  पुलिसमैन अपने काका कोफिर न पकड़ने आएँगे

देखेंगे तलवार दूर से ही

वे सब डर जाएँगे।

रिक्त स्थान भरो (पृष्ठ संख्या 81-82)

प्रश्न 1 

नमूना → काका जेल न जाएँगे अब

अब मत करना कभी विचार

माँ वे सीख नहीं पाए

न, मत, नहीं का इस्तेमाल किसी काम के मनाही के लिए किया गया है। तुम नीचे लिखे वाक्यों में ‘न’, ‘मत’, ‘मना’ और नहीं भरो।

  1. तुम वहाँ_______जाओ।
  2. परीक्षा में________जो रामू फेल हुआ________ही असलम।
  3. मुझे इस प्रश्न का उत्तर________पता।
  4. माँ ने मुझे छत पर जाने से________किया है।

उत्तर- 

  1. तुम वहाँ मत जाओ।
  2. परीक्षा में न जो रामू फेल हुआ न ही असलम।
  3. मुझे इस प्रश्न का उत्तर नहीं पता।
  4. माँ ने मुझे छत पर जाने से मना किया है।

कविता के अनुसार (पृष्ठ संख्या 82)

प्रश्न 1 सूरज को उसकी माँ ने क्यों बुला लिया?

उत्तर- सूरज की माँ ने उसको इसलिए बुला लिया क्योंकि बारिश होने लगी थी।

प्रश्न 2 बादल काका ज़ोर-ज़ोर से क्यों डाँट रहे हैं?

उत्तर- बादल काका इसलिए डाँट रहे हैं क्योंकि बच्चों ने माँ का कहना नहीं माना।

प्रश्न 3 बिजली के बच्चों के वार खाली क्यों जा रहे हैं?

उत्तर- बिजली के बच्चों के वार इसलिए खाली जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने अभी तलवार ठीक तरीके से चलाना नहीं सिखा है।

प्रश्न 4 लड़की बिजली के घर क्यों जाना चाहती है?

उत्तर- लड़की बिजली के घर उसके बच्चों को तलवार सिखाने के लिए जाना चाहती है।

प्रश्न 5 बिजली के घर में तलवार चलाना कौन सीख रहा है?

उत्तर- बिजली के घर में तलवार चलाना उसके बच्चे सीखे रहे हैं।

पता करो (पृष्ठ संख्या 82)

प्रश्न 1 कुछ ऐसे देशभक्तों के नाम पता करके लिखो जो बचपन से ही आज़ादी की लड़ाई में कूद पड़े थे।

उत्तर- भगत सिंह, सुखदेव, चन्द्रशेखर आज़ाद, खुदीराम बोस।

प्रश्न 2 जब बच्ची अपनी माँ से सब बातें कर रही थी, उस समय का आसमान और मौसम कैसा रहा होगा? अपनी कल्पना से बताओ। (संकेत- धूप, सूरज, बादल, धरती, बिजली, लोगों की परेशानियाँ आदि)

उत्तर- उस समय में सूरज बादलों में छिप गया होगा। आसमान में काले बादल छाये होंगे। चारों ओर अँधेरा छा गया होगा। बारिश की छोटी-छोटी बूँदें टपक रही होगीं।आकाश में बादल गरज रहे होगें। बिजली चमक रही होगी। लोग अपने घरों की ओर तेज़ी से बढ़ रहे होगें।

प्रश्न 3 कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी?

उत्तर- सूरज एक गैस का गोला है। यह हीलियम, हाइड्रोजन और अन्य गैसों से बना हुआ है। चूँकि सूरज कोई जीवित चीज़ नहीं इसलिए उसकी माँ नहीं  हो सकती।

आजादी की बात (पृष्ठ संख्या 82)

प्रश्न 1 “तब माँ कोई कर न सकेगा

अपने ऊपर अत्याचार।”

कविता की इस पंक्ति में किस अत्याचार की बात की जा रही है? वे किस तरह के अत्याचार करते थे?

उत्तर- कविता की इस पंक्ति में गुलामी के समय अंग्रेज़ों द्वारा देशवासियों पर किये गए अत्याचार की बात की जा रही है। अंग्रेज़ों ने भारतीयों को आर्थिक, शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। वे भारत की वस्तुओं को अपने देश भेज रहे थे। विरोध करने पर वे भारतीयों को जेल में डाल देते तथा कई प्रकार की यातनाएँ देते। ‘फूट डालो, राज करो’ की राजनीति पर चलते हुए वे लोगों की बीच दंगे करवाते।

घर की बात (पृष्ठ संख्या 82-83)

प्रश्न 2 “बिजली के आँगन में अम्मा…….. “

इसमें जो आँगन है वह घर के बाहर के हिस्से को कहा गया है। घर के इन भागों को तुम अपनी भाषा में क्या कहते हो?

  • कमरा                
  • बरामदा                
  • रसोई                
  • छत                
  • बैठक                
  • स्नानघर                
  • जीना                
  • शौचालय                

उत्तर- 

  • कमरा – रूम
  • बरामदा – गलियारा
  • रसोई – किचन
  • छत – छत
  • बैठक – बैठक
  • स्नानघर – बाथरूम
  • जीना – जीना
  • शौचालय – वॉशरूम

कविता बनाओ (पृष्ठ संख्या 83)

प्रश्न 3 नीचे कविता में से कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। कविता की अगली पंक्तियाँ स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।

नमूना→ ज़ोर-ज़ोर से गरज रहे हैं।

तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे हैं।

  1. तब माँ कोई कर न सकेगा
  2. बिजली के आँगन में अम्माँ
  3. किसने फोड़ घड़े बादल के

उत्तर- 

  1. तब माँ कोई कर न सकेगा

हम बच्चों पर अत्याचार

  1. बिजली के आँगन में अम्माँ

संग खेलेंगे हम

  1. किसने फोड़ घड़े बादल के

किसने पानी बरसाई

Class 7 हिन्दी – अध्याय-13: नृत्यांगना सुधा चंद्रन

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पाठ से प्रश्न (पृष्ठ संख्या 77)

-रामाज्ञा तिवारी

प्रश्न 1 सुधा के स्वप्नों की इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा कैसे छा गया?

उत्तर- जब एक दुर्घटना में सुधा चंद्रन का पैर काटना पड़ा, तब उनकी इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा छा गया। वह नृत्यांगना बनना चाहती थीं और उसके लिए वह नृत्य सीखती थी। परन्तु अचानक हुई दुर्घटना ने उनके सपने को तोड़ दिया।

प्रश्न 2 डॉ. सेठी ने सुधा के लिए क्या किया?

उत्तर- डॉ. सेठी ने अपने अनुभवों के निचोड़ से सुधा के लिए ऐसा कृत्रिम पाँव बनाया, जिससे उन्हें नृत्य करने में अधिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इस तरह उन्होंने सुधा का सपना साकार किया और उनके जीवन को एक नई दिशा प्रदान की। आगे चलकर सुधा उनके बनाए कृत्रिम पैर के सहारे नृत्य करने में सफल हो पायी।

प्रश्न 3 सुधा पूरे भारत में कैसे लोकप्रिय हो गई?

उत्तर- सुधा नकली पैर के सहारे नृत्य करने में कामयाब हुई थी। उसने साबित कर दिया था कि विकलांगता अभिशाप नहीं है। यदि मनुष्य चाहे तो क्या नहीं कर सकता है। लोगों के लिए यह आश्चर्य की बात थी। उनकी प्रतिभा लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई। वह पूरे भारत में अपने मनोबल तथा साहस के लिए लोकप्रिय हो गई।

विलोम शब्द (पृष्ठ संख्या 77)

प्रश्न 1 आशा – निराशा

  • कठिन –
  • आदर –
  • अँधेरा –
  • आकार –
  • इच्छा –

उत्तर- 

  • आशा – निराशा
  • कठिन – सरल
  • आदर – अनादर
  • अँधेरा – उजाला
  • आकार – निराकार
  • इच्छा – अनिच्छा

सही चिन्ह लगाओ (पृष्ठ संख्या 77)

प्रश्न 1 

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सुधा ने पूछा क्या मैं नाच सकूँगी डॉ. सेठी ने कहा क्यों नहीं प्रयास करो तो सब कुछ संभव है

उत्तर- सुधा ने पूछा, “क्या मैं नाच सूकँगी?” डॉ. सेठी ने कहा, “क्यों नहीं, प्रयास करो तो सब कुछ संभव है।”

क्या पहले, क्या बाद में (पृष्ठ संख्या 77-78)

प्रश्न 2 नीचे सुधा चंद्रन के जीवन की कुछ घटनाएँ बताई गई हैं। इन्हें सही क्रम में लगाओ।

  • सुधा डॉ. सेठी से मिली।
  • सुधा नृत्य का फिर से प्रशिक्षण लेने लगी।
  • सुधा ने प्रीति के साथ नृत्य किया।
  • सुधा को अभिनय के लिए विशेष पुरस्कार मिला।
  • सुधा का पैर काटना पड़ा।
  • सुधा ने नृत्य विद्यालय में प्रवेश लिया।

उत्तर- 

  • सुधा ने नृत्य विद्यालय में प्रवेश लिया।
  • सुधा का पैर काटना पड़ा।
  • सुधा डॉ. सेठी से मिली।
  • सुधा नृत्य का फिर से प्रशिक्षण लेने लगी।
  • सुधा ने प्रीति के साथ नृत्य किया।
  • सुधा को अभिनय के लिए विशेष पुरस्कार मिला।

एक चुनौती (पृष्ठ संख्या 78)

प्रश्न 1 शारीरिक शब्द में एक साथ ि  ी की मात्राओं का प्रयोग होता है। तुम भी ऐसे ही अन्य शब्द खोजो और यहाँ लिखो।

नमूना-

विनतीशारीरिकनीति

उत्तर- 

विनतीशारीरिकनीति
किसकीइसीलिएबिजली
हिन्दुस्तानीमिट्टीचिकनी
सीमितसीपियोंविद्यार्थी

खोजबीन (पृष्ठ संख्या 78)

प्रश्न 1 सुधा के जीवन पर फ़िल्म बनी थी। कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम पता करो और लिखो, जिनके जीवन पर फ़िल्में बनाई गई हों।

उत्तर- निम्नलिखित लोगों के जीवन पर फ़िल्में बनी थीं-

  • हेले केलर के जीवन पर आधारित फ़िल्म बनी थी- ‘इन द मिरिकल वर्कर’
  • जॉन नेश के जीवन पर आधारित फ़िल्म बनी थी- ‘ए ब्युटीफूल माइंड’

प्रश्न 2 सुधा यात्रा के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। पता करो कि यात्रा के दौरान दुर्घटना से कैसे बचा जा सकता है? सावधानियों की सूची बनाओ।

उत्तर- 

  • यात्रा के दौरान दुर्घटना से इस प्रकार की सावधानियाँ रखकर बचा जा सकता है-
  • यात्रा करते समय गाड़ी चालक को सजगता से गाड़ी चलानी चाहिए।
  • गाड़ी चलाते समय यदि कोई चालक फोन पर बात कर रहा है, तो उसे रोकना चाहिए।
  • अन्य किसी व्यक्ति को बस चालक से बात नहीं करनी देनी चाहिए।
  • बस चालक के सामने सोना नहीं चाहिए।
  • स्वयं सजग रहना चाहिए क्योंकि दुर्घटना कह कर नहीं आती है।
  • बस में अपने साथ हमेशा दवाइयाँ तथा मरहम पट्टी की वस्तुएँ रखनी चाहिए।
  • खराब मौसम में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
  • यदि मौसम खराब हो, तो बस या गाड़ी को कुछ समय के लिए रुकवा देना चाहिए।
  • कोहरे के समय कम गति में गाड़ी चलानी चाहिए और अपने से आगे चलने वाली गाड़ी का अनुसरण करना चाहिए।
  • यदि कोई गाड़ी चालक ओवर टेक करने का प्रयास करता है, तो उसे समझाना चाहिए।
  • अत्यधिक गति में गाड़ी नहीं चलानी चाहिए।
  • यदि कोई हादसा हो जाता है, तो शीघ्र आपातकालीन नंबर पर फोन करके सहायता मँगानी चाहिए।

प्रश्न 3 क्या तुम किसी विकलाँग व्यक्ति को जानते हो? उसके बारे में बताओ।

उत्तर- मेरी दीदी के कंप्यूटर सर बचपन से विकलांग है। उनके दोनों पैर पोलियो के कारण खराब हो गए थे। उनका परिवार उनकी इस स्थिति से दुखी था। परन्तु उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपनी पढ़ाई आरंभ रखी और साथ ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया। आगे चलकर उन्होंने गरीब बच्चों के लिए कंप्यूटर विद्यालय खोला। वह अपने खाली समय पर उन्हें शिक्षित करते हैं।

प्रश्न 4 कुछ ऐसे विकलाँग व्यक्तियों के नाम लिखो जिन्होंने जीवन में विशेष सफलता प्राप्त की है।

उत्तर- विकलांग व्यक्ति जिनका विकलांगता भी कुछ नहीं बिगाड़ पायी, उनके नाम इस प्रकार हैं-

  1. लुई ब्रेल जो की ब्रेल लिपि की आविष्कारक थीं। वह बचपन से अंधी थी। इन्होंने ब्रेल लिपि का निर्माण कर लाखों अंधी आँखों को जीवन दिया है।
  2. स्टीफन हॉकिंग यह प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक है। 21 साल की उम्र में इन्हें घातक रोग हो गया था, जिससे इनका सारा शरीर लकवाग्रस्त हो गया। परन्तु इन्होंने हार नहीं मानी और आज भी डटे हुए हैं और मानव सभ्यता के विकास के प्रति कार्यरत्त हैं।

प्रश्न 4 भारत के कुछ नृत्यों और नर्तक/ नर्तकियों के नाम पता करो और कक्षा में सबको बताओ।

उत्तर- भारत के कुछ नृत्यों और नर्तक/ नर्तकियों के नाम इस प्रकार हैं-

  • आनन्दा शंकर जयन्त (भारतनाट्यम)
  • प्रेरणा श्रीमाली (कथक)
  • कलामंडलम के जी वासुदेवन (कथकली)
  • पंजोउबम इबोतोन सिंह (मणिपुरी)
  • वैजयन्ती काशी (कुचीपुरी)
  • अरुणा महान्ती (ओडिसी)

प्रश्न 5 पता करो भारत में मैग्सेसे पुरस्कार किन-किन व्यक्तियों को मिला है।

उत्तर-

1.विनोबा भावे (1958)25.बाबा आमटे (1985)
2.सी.डी. देशमुख (1959)26.लक्ष्मीचंद जैन (1989)
3.अमिताभ चौधरी (1961)27.के.वी. सुबन्ना (1991)
4.मदर टैरेसा (1962)28.पंडित रविशंकर (1992)
5.दारा एन. खुरोदी (1963)29.बानू कोयाजी (1993)
6.त्रिभुवनदास के पटेल (1963)30.किरण बेदी (1994)
7.वर्गीज कुरीयन (1963)31.टी.एन.शेषण (1996)
8.जय प्रकाश नारायण (1965)32.पांडुरंग अठावले (1996)
9.कमला देवी चटोपाध्याय (1966)33.महेश चन्द्र मेहता (1997)
10.सत्यजीत रे (1967)34.महाश्वेता देवी (1997)
11.एम.एस.स्वामीनाथन (1971)35.जॉकिन अर्पुथम (2000)
12.एम.एस.सुब्बलक्ष्मी (1974)36.अरुणा राय (2000)
13.बी.जी.वर्गीज (1975)37.राजेंद्र सिंह (2001)
14.शम्भु मित्रा (1976)38.संदीप पांडेय (2002)
15.इला रमेश भट्ट (1977)39.शांता सिन्हा (2003)
17.राजनकांत अरोल (1979)40.जेम्स माइकल लिंगदोह (2003)
18.माबेला आरोल (1779)41.लक्ष्मी नारायण रामदास (2003)
19.गौर किशोर घोष (1981)42.वी.शांता (2005)
20.प्रमोद करण सेठी (1981)43.अरविंद केजरीवाल (2006)
21.चण्डी प्रसाद भट्ट (1982)44.पी.साईनाथ (2007)
22.मनीभाई देसाई (1982)45.नीलिमा मिश्रा (2011)
23.अरुण शौरी (1982)46.हरीश हांडे (2011)
24.आर.के. लक्ष्मण (1984)47.कुलांदेई फ्रांकिस (2012)

Class 7 हिन्दी – अध्याय-12: शहीद झलकारीबाई

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पढ़ो, समझो प्रश्न (पृष्ठ संख्या 71)

-संकलित

प्रश्न 1 नमूना- चिंता – चिंतित

  • जीवन-
  • पीड़ा-
  • उपेक्षा-
  • सुरक्षा-
  • पराजय-

उत्तर- 

  • जीवन – जीवित
  • पीड़ा – पीड़ित
  • उपेक्षा – उपेक्षित
  • सुरक्षा – सुरक्षित
  • पराजय – पराजित

मुहावरे प्रश्न (पृष्ठ संख्या 71)

प्रश्न 1 अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में “प्राणों का बलिदान देना” मुहावरे का प्रयोग हुआ है। नीचे कुछ और मुहावरे दिए गए हैं। इनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।

टूट पड़ना, निढाल होना, वीरगति पाना, शहीद हो जाना, प्राणों की बाजी लगाना, मौत के मुँह में जाना, मैदान में उतरना।

उत्तर- टूट पड़ना- पुलिस चोर को देखते ही उस पर टूट पड़ी।

निढाल होना- पूरे दिन काम करके हम निढाल हो गए।

वीरगति पाना- वीरगति पाना एक वीर के लिए सम्मान की बात होती है।

शहीद हो जाना- सैनिक शहीद हो जाने से घबराते नहीं हैं।

प्राणों की बाज़ी लगाना- माँ ने मुझे बचाने के लिए प्राणों की बाज़ी लगा दी।

मौत के मुँह में जाना- मैं मौत के मुँह में जाते-जाते बचा।

मैदान में उतरना- हम भी मैदान में उतर गए हैं।

पाठ से (पृष्ठ संख्या 64)

प्रश्न 1 झलकारीबाई ने लक्ष्मीबाई से किस चीज़ की माँग की और क्यों?

उत्तर- झलकारीबाई ने रानी से उनके वस्त्र, पगड़ी और कलगी की माँग की थी। अपनी रानी को झाँसी से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उसके पास इससे अतिरिक्त अन्य कोई चारा नहीं था। वह निर्णायक युद्ध लड़ने जा रही थी। अतः उसने यह योजना बनाई और रानी से कपड़ों की माँग की।

प्रश्न 2 ‘जनरल! झाँसी की रानी को ज़िंदा पकड़ना तुम्हारे बूते की बात नहीं है।’ यह किसने, किससे और  क्यों कहा?

उत्तर- ‘जनरल! झाँसी की रानी को ज़िंदा पकड़ना तुम्हारे बूते की बात नहीं है।’ यह पंक्ति झलकारीबाई ने अंग्रेज़ों के जनरल रोज़ को कहा था। उसने यह इसलिए कहा ताकि जनरल रोज़ को समझा सके कि रानी की झाँसी को पकड़ना कोई बच्चों का खेल नहीं है।

प्रश्न 3 झलकारीबाई का क्या हुआ?

उत्तर- झलकारीबाई ने युद्ध के मैदान में वीरगति पायी थी। झलकारीबाई अपनी रानी के स्थान पर मैदान में युद्ध करने गई थी। इस तरह वह अपनी अंतिम साँस तक तब तक अंग्रेज़ी सेना को धोखा देती रही, जब तक रानी सुरक्षित किले से बाहर न निकल गई। उसने अपने प्राणों की आहुति देकर रानी को सुरक्षित किले बाहर निकाल दिया।

खोजबीन (पृष्ठ संख्या 71)

प्रश्न 1 आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेने वाली कुछ महिलाओं के नाम बताओ।

उत्तर- रानी चेनम्मा, सरोजनी नायडू, कस्तूरबा गांधी, महादेवी वर्मा, सुभद्रा कुमारी चौहान, विजयालक्ष्मी पंडित, मैडम भीकाजी कामा, पदमजा नायडू, सुचेता कुपलानी, अरूणा आसफ अली और सिस्टर निवेदिता इत्यादि महिलाओं ने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था।

प्रश्न 2 रानी लक्ष्मीबाई के बारे में सुभद्रा कुमारी चौहान की एक प्रसिद्ध कविता तुमने पढ़ी या सुनी होगी। उसकी कुछ पंक्तियाँ कॉपी में लिखो।

उत्तर- सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।

तुम्हारी समझ (पृष्ठ संख्या 71)

प्रश्न 1 तुमने इस एकाँकी को अच्छी तरह से अवश्य समझ लिया होगा। अब इस पाठ के आधार पर स्वयं कुछ प्रश्न बनाकर लिखो। उनके उत्तर भी लिखो। यदि तुम चाहो तो उत्तर देने के लिए अपने साथी से प्रश्नों की अदला-बदली भी कर सकते हो।

  1. झलकारीबाई ने जो किया क्या वह उचित था?
  2. झलकारीबाई कौन थी?

उत्तर-

  1. झलकारीबाई ने जो भी किया वह बिलकुल उचित था। रानी की झाँसी को किले से बाहर निकलना आवश्यक था। यदि वह ऐसा नहीं करती तो रानी बाहर नहीं जा पाती। झलकारीबाई की इस योजना से रानी को सफलतापूर्वक बाहर निकाला जा सका।
  2. झलकारीबाई रानी झाँसी की नारी सेना की सेनापति थीं।

हमशक्ल (पृष्ठ संख्या 71)

प्रश्न 1 झलकारीबाई, लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थी। तुम्हारे विचार से हमशक्ल होने के क्या-क्या लाभ या हानि हो सकते हैं?

उत्तर- हमशक्ल होने के लाभ-

  1. हमशक्ल के स्थान पर जाकर फायदा उठाया जा सकता है।
  2. मार से बचा जा सकता है।
  3. अपनी गलती उस पर डाली जा सकती है।

हमशक्ल होने की हानियाँ-

  1. उसके स्थान पर डाँट खायी जा सकती या पिटाई हो सकती है।
  2. चीज़ इस्तेमाल की जा सकती है।
  3. फायदा उठाया जा सकता है।

Class 7 हिन्दी – अध्याय-11: पोंगल

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कविता से प्रश्न (पृष्ठ संख्या 64)

-संकलित

प्रश्न 1 पोंगल का त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। पाठ के आधार पर तालिका भरो।

उत्तर- 

क्र.स.राज्यत्योहारकानाम
   
   
   

प्रश्न 2 पोंगल चार दिनों तक मनाया जाता है। प्रत्येक दिन के मुख्य क्रिया-कलाप बताओ।

उत्तर- पहला दिन ‘भोगी’ पोंगल के रूप में मनाया जाता है। इस दिन घर की साफ़-सफ़ाई की जाती है। संध्या के समय सभी बच्चे ढोल बजाते हैं और खुशियाँ मनाते हैं।

दूसरा दिन ‘पोंगल’ का होता है। स्त्रियाँ प्रातःकाल उठकर घर के बाहर रंगोली बनाती हैं। सभी नहा-धोकर नए कपड़े पहनते हैं। घर के आँगन में नए बर्तन में पहली फसल का चावल और गन्ने का रस मिलाकर पोंगल बनाया जाता है। इसे तब तक पकाया जाता है, जब तक यह चूल्हे में न गिरे। इस प्रसाद को रिश्तेदारों तथा पड़ोसी के साथ मिलकर खाया जाता है।

तीसरा दिन ‘मट्टु पोंगल’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन सुबह उठकर अपने गाय-बैलों को नहलाकर सजाया जाता है। उनकी पूजा की जाती है तथा लोग उन्हें गुड तथा अन्य पौष्टिक चीज़ें खाने के लिए देते हैं।

चौथे दिन को ‘काणुम पोंगल’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन पूरा परिवार मेले में जाता है तथा पूरा दिन परिवार के साथ लोग मेलों का आनंद उठाते हैं।

प्रश्न 3 भारत एक कृषि प्रधान देश है। इस बात को सिद्ध करने के लिए दो उदाहरण दो।

उत्तर- भारत एक कृषि प्रधान देश है। इसके दो उदाहरण मुख्य हैं- एक तो यह कि भारत के अधिकत्तर त्योहार कृषि पर आधारित हैं और दूसरा यह कि भारत के सत्तर प्रतिशत लोग कृषि ही करते हैं। इसी कारण से भारत कृषि प्रधान देश कहलाता है।

तुम्हारी पसंद प्रश्न (पृष्ठ संख्या 64)

प्रश्न 1 ‘तुम्हारे प्रदेश में कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं? तुम्हें कौन सा त्योहार सबसे अच्छा लगता है?

उत्तर- मैं दिल्ली का निवासी हूँ। यहाँ होली, दीवाली, लोहड़ी, पोंगल, क्रिसमस, ईद, दशहरा इत्यादि त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं। मुझे इनमें से दीवाली बहुत पसंद है। दीवाली की रौनक बहुत पहले से ही आरंभ हो जाती है। हर घर में इसे लेकर खासा उत्साह होता है। घर में साफ़-सफ़ाई की जाती है। दीवाली वाले दिन सुबह से ही घर में कई तरह के मिष्ठान बनाए जाते हैं। लोग संबंधियों के साथ उपहारों तथा मिठाइयों का आदान-प्रदान करते हैं। रात को घर दीपों से सजाया जाता है। रात में रौनक देखने वाली होती है, ऐसा लगता है मानो आसमान से तारे कुछ समय के लिए जमीन में आ गए हैं। मिठाई, पटाखे, प्रेम, प्रकाश सभी तो होता है इसमें इसलिए यह मेरा प्रिय त्योहार है।

शब्द सज्जा (पृष्ठ संख्या 64)

प्रश्न 1 ‘पाठ में खेती से जुड़े अनेक शब्द आए हैं। तुम खेती या बागवानी से जुड़े कुछ औज़ारों के नाम बताओ।

उत्तर- खुरपी, फावड़ा, कुदाल, बेलचा, हल।

रंगोली (पृष्ठ संख्या 64)

प्रश्न 1 पोंगल के दिन घर आँगन को रंगोली से सजाते हैं। रंगोली बनाने के लिए किन-किन चीज़ों का प्रयोग किया जाता है? सूची बनाओ।

उत्तर- रंगोली में भरने के लिए अलग-अलग रंगों तथा एक चॉक की आवश्यकता होती है, जिससे डिज़ायन बनाया जा सके। लोग फूलों, दीपों तथा लकड़ी के बूरादे का भी प्रयोग करते हैं।

प्रश्न 2 नीचे दी गई जगह में रंगोली का कोई डिज़ायन बनाओ।

Shape, square

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उत्तर-‘

A picture containing text

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खाना-पीना (पृष्ठ संख्या 65)

प्रश्न 1 पाठ में ऐसी अनेक चीज़ों के नाम आए हैं जिन्हें खाने-पीने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। बताओ, इनका प्रयोग किन पकवानों में होता है?

चावल …………………गन्ना …………………….
हल्दी …………………..दूध ……………………….
गुड़ ……………………तिल ………………………
मक्का …………………..  

उत्तर- 

चावल- खीर, इडली, डोसा, पुलाव।गन्ना- खीर
हल्दी- हर प्रकार की दाल, सब्जी, मीट से बनने वाले व्यंजन सूप।दूध- खीर, पनीर, मिल्क केक, बर्फी।
गुड़- खीर, गुलगुले, पट्टी।तिल- मिठाई, पट्टी।
मक्का- रोटी, सरसों का साग, सूप  

Class 7 हिन्दी – अध्याय-10: हम धरती के लाल

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कविता से प्रश्न (पृष्ठ संख्या 58)

-शील

प्रश्न 1 नीचे लिखी पंक्तियाँ पढ़कर उत्तर दो।

“नया संसार बसाएँगे, नया इंसान बनाएँगे।”

तुम्हारे विचार से नया संसार बसाने और नया इंसान बनाने की ज़रूरत है या नहीं? कारण भी बताओ।

उत्तर- हमारे विचार से नया संसार बसाने और नया इंसान बनाने की आवश्यकता नहीं है। संसार, इंसान से बनता है। अतः बदलाव की आवश्यकता है, तो वह केवल इंसान में है। यदि इंसान में सुधार हो जाता है, तो संसार अपने आप नया हो जाएगा। यदि हम नया संसार बनाते हैं या नया इंसान बनाते हैं, तो इसमें इस बात की गारण्टी नहीं है कि उसमें समस्याएँ, असमानाताएँ नहीं आएगीं। इसलिए इस बात को भुलाकर हमें स्वयं में बदलाव करने की आवश्यकता है।

प्रश्न 2 नीचे लिखी पंक्तियाँ पढ़कर उत्तर दो।

“रोज त्योहार मनाएँगे।”

तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?

उत्तर- 

हमारे विचार से रोज़ त्योहार मनाना उचित नहीं है। इसके बहुत से कारण हैं। वे इस प्रकार हैं-

  1. रोज़ त्योहार मनाने से मनुष्य इन्हीं में उलझा रहेगा और अन्य कार्य नहीं कर पायेगा।
  2. लोगों पर इससे आर्थिक दबाव बन जाएगा।
  3. जीवन में उमंग शेष नहीं रहेगी। त्योहार जीवन में बदलाव लाते हैं और यदि रोज़ ही त्योहार होंगे, तो उमंग के लिए स्थान ही नहीं बचेगा।
  4. लोगों का समय नष्ट होगा। त्योहारों की तैयारी महीनों पहले से आरंभ हो जाती है। यदि त्योहार रोज़ होगें, तो लोगों को उसकी तैयारी में समय देना पड़ेगा। इससे लोगों का बहुत समय नष्ट होगा।
  5. सबसे बड़ी और मुख्य बात त्योहारों का महत्व कम हो जाएगा।

प्रश्न 3 नीचे लिखी पंक्तियाँ पढ़कर उत्तर दो।

“सौ सौ स्वर्ग उतर आएँगे, सूरज सोना बरसाएँगे। दूध पूत के लिए बदल देगें तारों की चाल” क्या ऊपर लिखी बातें संभव हो सकती हैं? कारण भी पता करो?

उत्तर- कवि की ये बात संभव हो सकती हैं। यदि मनुष्य मेहनत करे। मेहनत से ही वह धरती पर सौ-सौ स्वर्ग उतार सकता है। कवि के अनुसार यदि सभी मनुष्य एक साथ मेहनत करें, तो पृथ्वी का हर स्थान लहलहा उठेगा। उसकी सुंदरता इतनी अनुपम होगी कि मानो चारों और स्वर्ग उतर आएँ हों। इस तरह हमारे द्वारा की गई मेहनत आने वाली पीढ़ियों के भाग्य को बदलकर रख देगी और वे हमेशा फलते-फूलते हुए इस पृथ्वी पर रहेगें।।

प्रश्न 4 नीचे लिखी पंक्तियाँ पढ़कर उत्तर दो।

कवि ‘हम धरती के लाल’ ही क्यों कहना चाहते हैं?

कवि हम धरती के लाल इसलिए कहना चाहता है ताकि वह मनुष्य का संबंध धरती से व्यक्त कर सके। एक संतान का कर्तव्य होता है कि वह अपने माता-पिता के लिए कुछ करे। जब हम धरती को माँ मानने लगते हैं या कहने लगते हैं, तो उससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। यह भावनात्मक संबंध हमें याद दिलाता कि हमें अपनी माँ के लिए कुछ करना है।

वाक्य बनाओ प्रश्न (पृष्ठ संख्या 55)

प्रश्न 1 ‘सुख-स्वप्नों के स्वर गूँजेंगे।’ इसमें ‘स’ अक्षर बार-बार आया है। तुम भी नीचे लिखे वर्णों से वाक्य बनाओ। ध्यान रखो कि उस वर्ण से शुरू होने वाले तीन शब्द तुम्हारे वाक्य में हों।

  1. क ___________ 
  2. त ___________
  3. द ___________

उत्तर- 

  1. कागज़ की कश्ती चलती छन-छन।
  2. तीन तमगें तान कर चलते लाला जी।
  3. दान देना दानवीर कर्ण का कार्य था।

शब्द सज्जा (पृष्ठ संख्या 55-56)

प्रश्न 1 ‘हम नया भूगोल बनाएँगे।’

ऊपर लिखी पंक्ति में ‘भूगोल’ शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं? नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।

संसार, कल्पना, इंसान, पौधा, चेतना, जमाना, दुनिया, इतिहास

उत्तर- संसार, इंसान, दुनिया, इतिहास, विश्व, राष्ट्र

प्रश्न 2 नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?

देश…………………….जनता………………….
धरती………………….त्योहार…………………..
दूध……………………इंसान……………………

उत्तर- 

देश- देशजनता-जौनता
धरती- पृथ्वीत्योहार- उत्सव
दूध- दुधइंसान- मानुष

सोचो और बताओ (पृष्ठ संख्या 56)

प्रश्न 1 कवि एक नया संसार बसाना चाहता है जहाँ मानव की मेहनत पूजी जाए, जहाँ जनता में एकता हो, जहाँ सब समान हों, जहाँ सभी सुखी हों। तुम्हें अपने संसार में ऊपर लिखी बातें नज़र आती हैं या नहीं? इन बातों के होने या न होने का क्या कारण है?

उत्तर- ‘हाँ’ मुझे अपने संसार में ये बातें नज़र आती हैं। हमारे संसार में मानव की मेहनत पूजी जाती है। तभी तो आज वही लोग शिखर पर विद्यमान है, जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर असंभव को संभव कर दिखाया है। हमारे संसार में जनता के बीच एकता विद्यमान है। यदि ऐसा नहीं होता, तो अभी तक मानव सभ्यता समाप्त हो चूकी होती। ये बातें भी सच हैं कि यहाँ सबको समान रूप से देखा जाता है और यहाँ सब सुखी हैं। यदि ऐसा नहीं होता तो सारा संसार आपस में जुड़ा नहीं होता। आज सारे देश एक दूसरे के साथ व्यापारिक संबंध बनाए हुए हैं व सारे एक दूसरे की संस्कृति और सभ्यताओं के विषय में जानने को इच्छुक हैं। ये सब प्रमाण है हमारे संसार के अच्छे होने के।

प्रश्न 2 तुम भी अपने संसार के बारे में कल्पनाएँ ज़रूर करते होंगे। अपने सपनों की दुनिया के बारे में बताओ।

उत्तर-‘हाँ’ मैं भी अपने सपनों के संसार के बारे में कल्पनाएँ करती हूँ। परन्तु मेरे सपनों की दुनिया बिलकुल अलग है। मेरे सपनों का संसार प्रदूषण मुक्त और प्रकृति के सौंदर्य से भरपूर है। लोगों के घर इमारतों में नहीं होगें बल्कि पेड़ों पर बने छोटे-छोटे घर होगें। हम प्रकृति के बीच में रहकर पढ़ाई करेंगे और जीवन का आनंद उठाएँगे।

कैसे (पृष्ठ संख्या 56)

प्रश्न 1 बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।

  1. समय को रहा दिखाना
  2. जनता को एक करना
  3. तारों की चाल बदल देना
  4. नया भूगोल बनाना
  5. नया इंसान बनाना

उत्तर- 

  1. अपने हर कार्य का समय निर्धारित करेंगे। कार्य को नियत समय से पूरा करने का प्रयास करेंगे। बचे समय का भी सही उपयोग करेंगे। इस तरह हम समय को राह दिखा सकेंगे क्योंकि तब समय हमारे अनुसार चलेगा।
  2. लोगों को प्रेम तथा भाईचारे का पाठ पढ़ाएँगे और आपसी कलह समाप्त करके उन्हें एक कर देंगे।
  3. इतना परिश्रम करेंगे कि भाग्य को भी अपने हाथों चलने पर विवश कर देंगे। अपने परिश्रम से हम अपना भाग्य स्वयं बनाएँगे।
  4. अपने परिश्रम से ऐसा संसार बनाएंगे, जो हमारे अनुसार बना हुआ होगा।
  5. अपने अंदर की कमियों को समाप्त करके ऐसा इंसान बनेंगे, जो दुनिया के लिए मिसाल होगा

Class 7 हिन्दी – अध्याय-9: विश्वेश्वरैया

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पाठ से प्रश्न (पृष्ठ संख्या 55)

–आर. के. मूर्ति (अनुवाद- सुमन जैन)

प्रश्न 1 अपने घर के बरामदे में खड़े होकर छ: वर्षीय विश्वेश्वरैया ने क्या देखा?

उत्तर- अपने घर के बरामदे में छ: वर्षीय विश्वेश्वरैया ने देखा कि बारिश के कारण वातावरण बहुत सुंदर हो गया है। पेड़ बारिश के कारण धुल गए थे। पत्तियों और टहनियों से पानी टपक रहा था। कुछ दूरी पर धान के खेत लहलहा रहे थे। गली में नाली में पानी जलप्रपात के समान घूम रहा था। उसमें इतनी शक्ति आ गई थी कि वह बहुत बड़े पत्थर को अपने साथ बहाकर ले जा रहा था। देखा जाए, प्रकृति के ये विभिन्न रूप सामूहिक रूप से प्रकृति की शक्ति का प्रदर्शन कर रहे थे। थोड़ी दूर कहीं एक गरीब स्त्री ताड़पत्र की छतरी पकड़े बारिश में खड़ी थी। वह बहुत गरीब थी। उसे देखे विश्वेश्वरैया के मन में प्रश्न उठा की लोग गरीब क्यों होते हैं। इस तरह देखते हुए उन्होंने गरीबी और प्रकृति के विषय में बहुत कुछ जानने का प्रयास किया।

प्रश्न 2 तुम्हें विश्वेश्वरैया की कौन सी बात सबसे अच्छी लगी? क्यों?

उत्तर- विश्वेश्वरैया जिज्ञासु, विचारशील, मेहनती बालक था। उसकी यह तीनों बातें हमें बहुत अच्छी लगीं। जिज्ञासा के कारण वह हर वस्तु के बारे में जानने को उत्सुक रहता था। विचारशील होने के कारण अपने आस-पास होने वाली बातों के विषय में गहराई से सोचता था। मेहनती इसलिए था कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़ा परिश्रम करने से भी पीछे नहीं रहता था।

प्रश्न 3 विश्वेश्वरैया के मन में कौन-कौन से सवाल उठते थे?

उत्तर- प्रकृति तथा गरीबी के विषय में विश्वेश्वरैया के मन में सदैव विचार उठते थे। वह हवा, सूर्य और पानी की असीम शक्ति का मूल्यांकन लगता। इसके साथ ही वह गरीब लोगों की दुर्दशा देखकर परेशान रहता। वह ऐसा होने के पीछे कारण जानना चाहता था।

सवाल प्रश्न (पृष्ठ संख्या 55)

प्रश्न 1 विश्वेश्वरैया अपने मन में उठे सवालों का जवाब अपने अध्यापकों और बड़ों से जानने की कोशिश करते थे। क्या तुम अध्यापकों से पाठ्य पुस्तकों के सवालों के अतिरिक्त भी कुछ सवाल पूछते हो? कुछ सवालों को लिखो जो तुमने अपने अध्यापकों से पूछे हों।

उत्तर- हाँ हम अपने अध्यापक-अध्यापिकाओं से इस प्रकार के कई सवाल पूछते हैं। वे इस प्रकार हैं:

  1. हम स्कूल क्यों आते हैं?
  2. स्कूल में अनुशासन क्यों आवश्यक होता है?
  3. हम खुले में क्यों नहीं पढ़ सकते हैं?
  4. खाना खाना क्यों आवश्यक होता है?
  5. कॉपी और पुस्तक का निर्माण किस वस्तु से होता है?

अनुभव और विचार (पृष्ठ संख्या 55-56)

प्रश्न 1 तुम्हें सर्दी-गरमी के मौसम में अपने घर के आसपास क्या-क्या दिखाई देता है?

उत्तर- गरमी के मौसम में पेड़ों में आम लग जाते हैं। चारों तरफ लोग पसीने में तरबतर रहते हैं। पौधे अत्यधिक गर्मी के कारण सूख जाते हैं। जमीन की ऊपरी सतह भी तेज़ गर्मी से सूख जाती है। चारों तरफ ऐ.सी. और कूलर चल रहे होते हैं। पशु और पक्षी जहाँ भी पानी मिले वहाँ इक्ट्ठे होकर पानी पी रहे होते हैं।

सर्दी के मौसम में लोग गरम कपड़ों से ढके होते हैं। लोग धूप सेंकने छतों तथा आँगनों पर बैठे होते हैं। सुबह और शाम कोहरा छाया रहता है। जगह-जगह लोग मूंगफली खाते दिखाई दे जाते हैं। रात में लोग स्थान-स्थान पर आग जलाकर बैठे होते हैं।

प्रश्न 2 तुमने पाठ में पढ़ा कि एक बूढ़ी महिला ताड़पत्र से बनी छतरी लिए खड़ी थी। पता करो कि ताड़पत्र से और क्या-क्या बनाया जाता है?

उत्तर- पुराने समय में ताड़पत्र पर विभिन्न पुस्तकों का निर्माण होता था। भारत में कागज़ के आगमन से बहुत पहले ही ताड़पत्रों पर लिखा जाता था; जिसे पांडुलिपि कहा जाता था। आजकल ताड़पत्र से टोकरियाँ, बैग, चटाई इत्यादि बनाए जाते हैं।

प्रश्न 3 विश्वेश्वरैया ने बचपन में रामायण, महाभारत, पंचतंत्र आदि की कहानियाँ सुनी थीं। तुमने पाठ्यपुस्तक के अलावा कौन-कौन सी कहानियाँ सुनी हैं? किसी कहानी के बारे में बताओ।

उत्तर- हमने अपने दादा जी से बहुत-सी धार्मिक कहानियाँ सुनी हैं। गणेश भगवान के जन्म को लेकर कहानी बहुत अद्भुत और अच्छी थी। कहानी इस प्रकार है-

बहुत समय पहले कि बात है। भगवान शंकर शिवलोक में नहीं थे। माता पार्वती शिवलोक में अकेली थीं। वह स्नान करना चाहती थीं, परन्तु स्वयं को अकेला जान थोड़ी चिंतित थीं। शिवलोक में कोई नहीं था। अत: उन्होंने शिव लोक की रक्षा के लिए उबटन से एक बालक बनाया और अपनी शक्ति से उसमें प्राण फूंक दिए। उन्होंने इस बालक का नाम गणेश रखा। उन्होंने गणेश को अपनी शक्तियाँ प्रदान की और कहा कि वह स्नानघर में जा रही हैं। उनकी आज्ञा के बिना कोई भी शिवलोक में प्रवेश न कर पाए। माता की अनुपस्थिति में गणेश शिवलोक की रक्षा करने लगे। इसी समय भगवान शिव राक्षसों का नाश करके शिवलोक आ रहे थे। परन्तु बालक गणेश ने उन्हें शिवलोक में जाने से मना कर दिया। अपने ही घर में प्रवेश करने से रोके जाने के कारण शिव बड़े आश्चर्यचकित हुए। बालक को उन्होंने बहुत प्रकार से समझाया परन्तु वह टस से मस न हुआ। स्थिति ऐसी बन गई की शिव का क्रोध सातवें आसमान पर था। उन्होंने एक झटके पर गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया। पुत्र की करुण पुकार सुनकर माता पार्वती तुरंत बाहर आ गईं। अपने पुत्र की दुर्दशा देखकर उनके क्रोध की सीमा नहीं रही। वह नाना-प्रकार से विलाप करने लगीं। धरती-आकाश काँप गया। माता पार्वती को शांत करने के उद्धेश्य से शिव भगवान ने अपने गणों को किसी जीवित प्राणी का सर लाने को कहा। परन्तु उन्होंने ऐसे प्राणी का सर लाना को कहा जो उत्तर दिशा की ओर मुख करके सोया हो।सारी पृथ्वी में उन्हें एक हाथी का बच्चा ही मिला। बस गण उस हाथी को ले आए। भगवान शंकर ने उस हाथी का सर गणेश जी के सर पर जोड़ दिया। वह अब पुन: जीवित हो गए थे। सभी देवी-देवताओं ने नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र और वरदान दिए। भगवान शंकर ने आर्शीवाद दिया कि किसी भी मंगल कार्य को आरंभ करने से पूर्व उनकी पुजा करना अनिवार्य होगा।

प्रश्न 4 तुम्हारे मन में भी अनेक सवाल उठे होंगे जिनके जवाब तुम्हें नहीं मिले। ऐसे ही कुछ सवालों की सूची बनाओ।

उत्तर- मेरे मन में उठने वाले प्रश्न इस प्रकार है-

  1. क्या मनुष्य कभी अंतरिक्ष में बिना अंतरिक्ष सूट पहने जा पाएगा?
  2. क्या देवी-देवताओं का अस्तित्व कभी था?
  3. क्या मनुष्य पानी का निर्माण कर सकता है?
  4. क्या अंतरिक्ष मानवों का अस्तित्व सच में है?
  5. हम बड़े होते हैं परन्तु हम ही इस बात से अनजान क्यों होते हैं?

प्रश्न 5 तुम्हारे विचार से गरीबी के क्या कारण हैं?

उत्तर- अशिक्षा गरीबी का सबसे बड़ा कारण है। एक अशिक्षित व्यक्ति को धनोपार्जन के अच्छे साधन नहीं मिलते है। अशिक्षित होने के कारण वह मजदूरी या छोटी-मोटी नौकरी करता है। उससे इतना कम धन प्राप्त होता है कि वह अपना पेट ही भर पाए। उन्हें अच्छा जीवन स्तर मिल नहीं पाता और वह गरीब बने रहते हैं।

वाक्य बनाओ (पृष्ठ संख्या 56)

प्रश्न 1 

  1. हरे-भरे
  2. उमड़-घुमड़
  3. एक-दूसरे
  4. धीरे-धीरे
  5. टप-टप
  6. फटी-पुरानी

उत्तर- 

  1. हरे-भरे– हरे-भरे वन मनुष्य के लिए लाभकारी होते हैं।
  2. उमड़-घुमड़– बादल उमड़-घुमड़ कर आसमान में छा गए।
  3. एक-दूसरे– माँ और मैं एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते हैं।
  4. धीरे-धीरे– रेलगाड़ी धीरे-धीरे रुकने लगी।
  5. टप-टप– स्नानघर से टप-टप की आवाज़ आ रही है।
  6. फटी-पुरानी– एक छोटी बच्ची फटी-पुरानी फ्रॉक पहने खड़ी थी।

प्रश्नवाचक वाक्य (पृष्ठ संख्या 56)

प्रश्न 1 ज्ञान असीमित है।

उत्तर- क्या ज्ञान असीमित होता है?

प्रश्न 2 आकाश में अँधेरा छाया हुआ था।

उत्तर- क्या आकाश में अँधेरा छाया हुआ है?

प्रश्न 3 गड्ढे और नालियाँ पानी से भर गईं।

उत्तर- क्या गड्ढे और नालियाँ पानी से भर गईं हैं?

प्रश्न 4 उसने एक जल-प्रपात का रुप धारण कर लिया।

उत्तर- क्या उसने एक जल-प्रपात का रुप धारण कर लिया है।

प्रश्न 5 राष्ट्रीयता की चिंगारी जल उठी थी।

उत्तर- क्या राष्ट्रीयता की चिंगारी जल उठी थी।

प्रश्न 6 मैं काफी धन कमा लूँगा।

उत्तर- क्या मैं काफी धन कमा लूँगा।

Class 7 हिन्दी – अध्याय-8: काबुलीवाला

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पढ़ो और समझो प्रश्न (पृष्ठ संख्या 48)

-रविंद्र नाथ टैगोर

प्रश्न 1 नायक – नायिका

उत्तर- नायक – नायिका- फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले पुरुष को नायक तथा मुख्य भूमिका निभाने वाली स्त्री को नायिका कहा जाता है।

प्रश्न 2 बालक – बालिका

उत्तर- बालक – बालिका- छोटे बच्चे को बालक तथा छोटी बच्ची को बालिका कहते हैं।

प्रश्न 3 गायक – गायिका

उत्तर- गायक – गायिका- पुरुष गाना गाने वाले को गायक तथा महिला गाना गाने वाली को गायिका कहा जाता है।-

प्रश्न 4 लेखक – लेखिका

उत्तर- लेखक – लेखिका- कहानी, उपन्यास, लेख, नाटक इत्यादि लिखने वाले पुरुष को लेखक तथा स्त्री को लेखिका कहा जाता है।

प्रश्न 4 सेवक – सेविका

उत्तर- सेवक – सेविका- घर का काम करने वाले पुरुष को सेवक तथा स्त्री को सेविका कहा जाता है।

पाठ संबंधी प्रश्न (पृष्ठ संख्या 48)

प्रश्न 1 मिनी को ऐसा क्यों लगता था कि काबुलीवाला अपनी झोली में चुराए हुए बच्चों को छिपाए हुए है?

उत्तर- काबुलीवाले के पास एक बड़ा-सा झोला होता था। वह उसे सदैव अपने कंधे पर रखता था। उसे देखकर उसके मन में यह विश्वास हो गया था कि काबुलीवाला अपनी झोली में दो-चार बच्चे चुराकर छिपा लेता है। यह विश्वास उसे अपनी माँ द्वारा भी आ सकता है क्योंकि घर के बड़े बच्चों को डराने के उद्देश्य से ऐसी बातें कह देते हैं। इस तरह वे अजनबियों से बच्चों को दूर रखने का प्रयास करते हैं।

प्रश्न 2 मिनी की काबुलीवाले से मित्रता क्यों हो गई?

उत्तर- काबुलीवाला मिनी के पिताजी के अतिरिक्त ऐसा दूसरा व्यक्ति था, जो मिनी की बात बड़े ध्यानपूर्वक सुनता था। वह हमेशा मिनी को बादाम-किशमिश देता था तथा उसके दिल बहलाने के लिए मज़ेदार बातें भी किया करता था। बस इसी कारणों से दोनों के मध्य दूरियाँ समाप्त हो गई और वे अच्छे मित्र बन गए।

प्रश्न 3 काबुलीवाला हमेशा पैसे क्यों लौटा देता था?

उत्तर- काबुलीवाला मिनी से बहुत प्यार किया करता था। मिनी जैसी ही उसकी भी एक बेटी थी। मिनी को खुश करके उसे लगता था कि वह अपनी बिटिया को खुश कर रहा है। वह मिनी के लिए काजू-बादाम-किशमिश लाया करता था। बेटी के लिए लायी भेंट के लिए पैसे लेना उसे अच्छा नहीं लगता था। अत: वह उसके बदले दिए जाने वाले पैसे लौटा दिया करता था।

प्रश्न 4 वर्षों बाद मिनी के पिता ने काबुलीवाले को उसकी किस बात से पहचान लिया?

उत्तर- जब वर्षों बाद मिनी के पिता से मिलने काबुलीवाला आया, तो वह उसे उसकी हँसी देखकर पहचान पाए थे।

सोचो और जवाब दो (पृष्ठ संख्या 48-49)

प्रश्न 1 रहमत ने एक धोखेबाज़ आदमी को छुरा मार दिया। क्या अगर तुम रहमत की जगह होते तो क्या करते?

उत्तर- रहमत ने एक धोखेबाज़ आदमी को छुरा मार दिया। उसके द्वारा ऐसा करना उचित नहीं था। यदि मैं रहमत की जगह होता, तो उसको धोखधड़ी करने के आरोप में जेल में बंद करवा देता। सबसे पहले पुलिस थाने में जाकर उसकी रिपोर्ट लिखवाता तथा उसमें मुकदमा दायर करता। यह प्रण भी लेता कि बिना सोचे समझे किसी को उधार नहीं दूँगा।

प्रश्न 2 मिनी की माँ रहमत पर नज़र रखना चाहती थी परंतु पिता रहमत को मना नहीं कर पाते थे। तुम्हारे विचार में कौन सही था? क्यों?

उत्तर- मिनी की माँ रहमत पर नज़र रखना चाहती थीं परंतु पिता रहमत को मना नहीं कर पाते थे। कहानी पढ़कर ज्ञात होता है कि पिता सही थे। परन्तु यदि सोचा जाए, तो माताजी भी बिलकुल सही थीं। किसी भी व्यक्ति की सूरत पर नहीं लिखा होता है कि वह अच्छा है या बुरा। माँ अपने बच्चे के प्रति सचेत थीं और पिताजी को भी ऐसा करने के लिए कहती थीं। वह जानती थीं कि लोग बच्चों की मासूमियत का फायदा उठाते हैं। यदि माँ-पिता सचेत हैं, तो वे अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं। अतः हमारे विचार से माताजी बिलकुल सही थीं।

प्रश्न 3 मान लो तुम मिनी हो। अब अपनी कहानी पूरी कक्षा में सुनाओ।

उत्तर- मेरा नाम मिनी है। मेरे पिता का नाम … है। मेरे पिता एक लेखक हैं तथा मेरी माताजी एक गृहणी हैं। मैं घर में सबसे छोटी हूँ। अतः सबकी लाडली हूँ। पिताजी तो हमेशा मुझे गोद में बिठाए रखते हैं परन्तु माताजी बहुत सख्त हैं। मेरे बहुत से मित्र हैं। परन्तु काबुलीवाला मेरा सबसे प्रिय दोस्त है। वह रोज़ शाम को घर आता है। हम दोनों मिलकर बहुत-सी बातें करते हैं। वह मेरे लिए हमेशा बादाम और किशमिश लाता है। माताजी सदैव मुझे उससे बात करने के लिए मना किया करती हैं। परन्तु मुझे उनका ऐसा कहना अच्छा नहीं लगता है। काबुलीवाला मेरा सबसे अच्छा मित्र है और मैं उससे बात करना बंद नहीं कर सकती हूँ।

प्रश्न 4 तुम नीचे लिखे वाक्य को अपनी भाषा में कैसे कहोगे?

‘पलक झपकते ही रहमत का चेहरा आनंद से खिल उठा।’

उत्तर- पंजाबी में इस पंक्ति को इस प्रकार कह सकते हैं “अखां झपक नाल रहमत दा चेहरा अनंद नाल खिल उठायाँ।”

सही मिलान करो (पृष्ठ संख्या 49)

प्रश्न 1 

(क)बे-सिर-पैर(i)तुरंत
(ख)पलक झपकते ही(ii)बिना मतलब की
(ग)बँधी हुई बातें(iii)चेहरा सामने से हटा लेना
(घ)बात चलना(iv)निश्चित बातें/ एक ही तरह की बातचीत
(ङ)मुँह फेरना(v)बात शुरू होना

उत्तर- 

(क)बे-सिर-पैर(ii)बिना मतलब की
(ख)पलक झपकते ही(i)तुरंत
(ग)बँधी हुई बातें(iv)निश्चित बातें/ एक ही तरह की बातचीत
(घ)बात चलना(v)बात शुरू होना
(ङ)मुँह फेरना(iii)चेहरा सामने से हटा लेना

शब्द जाल (पृष्ठ संख्या 49)

प्रश्न 1 काबुलीवाला मेवे बेचता था। नीचे कुछ मेवों के नाम लिखे हैं। उन्हें दिए गए शब्दजाल में ढूँढो। ये संज्ञा हैं। इसकी विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण होते हैं। उसे भी सोचकर लिखो।

उत्तर- 

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घूमना-फिरना (पृष्ठ संख्या 49)

प्रश्न 1 ‘काबुलीवाला के साथ बातचीत करने से बाहर जाने का काम हो जाता है।’ मिनी के पिता का ऐसा कहना बताता है कि वह काबुली से बात करके बाहर के देश-दुनिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेता था। आज उसके अलावा और किन किन साधनों से देश-विदेश के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है?

सूची बनाओ।

उत्तर-  निम्नलिखित साधनों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है-

  1. कंप्यूटर (इंटरनेट) के माध्यम से।
  2. टी.वी. के माध्यम से।
  3. सिनेमा के माध्यम से।
  4. पुस्तकों के माध्यम से।
  5. चित्रों के माध्यम से।
  6. समाचार-पत्रों के माध्यम से।
  7. पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से।

देखो, समझो और करो (पृष्ठ संख्या 50)

प्रश्न 1

  1. पहले खाने में घड़ा है।
  2. तीसरे खाने में_____है।
  3. पाँचवे खाने में पगड़ी है।
  4. _______खाने में कुर्ता है।
  5. नौंवे खाने में_______है।
  6. ________खाने में चूहा है।
  7. दूसरे खाने में________है।
  8. ________खाने में_______है। यह हमारा राष्ट्रीय पक्षी है।
  9. ________खाने में_______है। इसे चेहरे पर लगाते हैं।

उत्तर- 

  1. पहले खाने में घड़ा है।
  2. तीसरे खाने में साँप है।
  3. पाँचवे खाने में पगड़ी है।
  4. छठे खाने में कुर्ता है।
  5. नौंवे खाने में गिलास है।
  6. आठवे खाने में चूहा है।
  7. दूसरे खाने में सीढी है।
  8. सातवें खाने में मोर है। यह हमारा राष्ट्रीय पक्षी है।
  9. चौथे खाने में मुखौटा है। इसे चेहरे पर लगाते हैं।

देखो, समझो और करो (पृष्ठ संख्या 50)

प्रश्न 1

बेटीकाबुलीवालानायकजेल
खिड़कीझोलीपैरबच्चा
रहमत   

ये संज्ञा है। इनकी विशेषता बताने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं। तुम्हें इनके साथ जो भी विशेषण ठीक लगे उसे लगाकर वाक्य बनाओ।

उत्तर- 

  1. बड़ी बेटी को घर लेकर आना।
  2. काबुलीवाला अच्छा है।
  3. नाटक में बूढ़ा नायक पहली बार सुना है।
  4. बड़ी जेल में इन्हें भेज दो।
  5. विशाल खिड़की मेरे पिताजी ने बनवाई थी।
  6. तुम्हारी झोली में चार आम रखे हैं।
  7. छोटे पैर बहुत सुंदर लगते हैं।
  8. शैतान बच्चा रो रहा है।
  9. रहमत सच्चा है।

Class 7 हिन्दी – अध्याय-7: पुस्तकें जो अमर हैं

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पाठ से प्रश्न (पृष्ठ संख्या 39)

-मनोज दास (अनुवाद- बालकराम नागर)

प्रश्न 1 सी ह्यांग ती के समय में पुस्तकें कैसे बनाई जीत थीं?

उत्तर- सी ह्यांग ती के समय में पुस्तकें लकड़ी के टुकड़ों पर अक्षर खोदकर बनाई जीत थीं। उस समय कागज़ का आविष्कार नहीं हुआ था। अतः लकड़ी के टुकड़ों पर किताबें बनाई जाती थीं।

प्रश्न 2 पाठ के आधार पर बताओ कि राजा को पुस्तकों से क्या खतरा था?

उत्तर- राजा को लगा कि यदि किसी ने राजाओं के बारे में बुरा-भला लिखा होगा, तो उसकी प्रजा पर इससे बुरा असर पड़ेगा। उसका मानना था कि प्रजा को अपने राजा द्वारा दी गई आज्ञाओं का पालन करना चाहिए और समय पर कर देना चाहिए। परन्तु पुस्तकों के अध्ययन से प्रजा बागी हो सकती थी। अत: राजा ने सभी पुस्तकें जलवा दी।

प्रश्न 3 पुराने समय से ही अनेक व्यक्तियों ने पुस्तकों को नष्ट करने का प्रयास किया। पाठ में से कोई तीन उदाहरण ढूँढ़कर लिखो।

उत्तर- निम्नलिखित उदाहरणों से पता चलता है कि तीन बार पुस्तकों को नष्ट करने का प्रयास किया गया था-

  • सबसे पहले चीनी सम्राट सी ह्यांग ती के नाम का उदाहरण दिया गया है। उसने अपने समय में राज्य में विद्यमान सभी पुस्तकों को जलवा दिया था।
  • दूसरा उदाहरण भारत में छठी शताब्दी में नालंदा विश्वविद्यालय था। इसे आक्रमणकारियों ने जलाकर राख कर दिया था।
  • तीसरा उदाहरण प्राचीन नगर सिकंदरिया में स्थित एक बड़े पुस्तकालय का है। इसे भी जान-बूझकर जला दिया गया था।

प्रश्न 4 बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं। क्यों?

उत्तर- बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं। क्योंकि पुस्तक प्रेमियों ने उसे कंठस्थ किया हुआ था। मनुष्य लकड़ी को जला सकता है, दीवार या शीलाओं को तोड़ सकता है। परन्तु मनुष्य के मन को नहीं मार सकता। इसलिए पुस्तकें जलाने के बाद भी लोगों के मन के अंदर जीवित रहीं। जैसे ही राजा मरा सबने उन्हें पुनः लकड़ी के टुकड़ों में उकेर दिया। ऐसा करने से अन्य लोग भी उन पुस्तकों को पुनः पढ़ पाए।

तुम्हारी बात प्रश्न (पृष्ठ संख्या 39)

प्रश्न 1 किताबों को सुरक्षित रखने के लिए तुम क्या करते हो?

उत्तर- किताबों को सुरक्षित रखने के लिए मैं उन्हें पुस्तकों की अलमारी में ही रखता हूँ। बराबर उनकी साफ़-सफ़ाई करता हूँ। पुस्तकों पर कवर चढ़ाकर रखता हूँ ताकि उनमें धूल-मिट्टी न जमें। बहुत ही कीमती पुस्तकों को पॉलिथीन से ढककर सुरक्षित रखता हूँ।

प्रश्न 2 पुराने समय में किताबें कुछ लोगों तक ही सीमित थीं। तुम्हारे विचार से किस चीज़ के आविष्कार से किताबें आम आदमी तक पहुँच सकीं?

उत्तर- पुराने समय में पुस्तकें आम आदमी की पहुँच से इसलिए बाहर थी क्योंकि वह लकड़ी के टुकड़ों या पत्थरों पर उकेरकर बनाई जाती थी। उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक लेकर जाना कठिन होता था। कागज़ के आविष्कार के बाद ही पुस्तकें आम आदमी तक पहुँच पायीं और इंटरनेट ने तो सोने पर सुहागा का काम किया है। अब लोग किसी भी स्थान पर अपनी पसंद की पुस्तकें पढ़ सकते हैं। यह ई-बुक के नाम से प्रचलित हैं।

सही शब्द भरो (पृष्ठ संख्या 39)

प्रश्न 1 साहित्य की दृष्टि से भारत का_______महान है। (अतीत/ भूगोल)

उत्तर- साहित्य की दृष्टि से भारत का अतीत महान है।

प्रश्न 2 पुस्तकालय के तीन विभागों को जलाकर_______कर दिया गया। (गर्म/ राख)

उत्तर- पुस्तकालय के तीन विभागों को जलाकर राख कर दिया गया।

प्रश्न 3 उसे किताबों सहित________में दफ़ना दिया गया। (ज़मीन/ आकाश)

उत्तर- उसे किताबों सहित ज़मीन में दफ़ना दिया गया।

प्रश्न 4 कागज़ ही जलता है,________तो उड़ जाते हैं। (शब्द/ पांडुलिपियाँ)

उत्तर- कागज़ ही जलता है, शब्द तो उड़ जाते हैं।

पढ़ो, समझो और करो (पृष्ठ संख्या 40)

प्रश्न 1 

इतिहासइतिहासकार
शिल्प………
गीत………
संगीत………
मूर्ति………
रचना………

उत्तर- 

इतिहासइतिहासकार
शिल्पशिल्पकार
गीतगीतकार
संगीतसंगीतकार
मूर्तिमूर्तिकार
रचनारचनाकार

दोस्ती किताबों से (पृष्ठ संख्या 40)

प्रश्न 1 तुमने अब तक पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त कौन-कौन सी पुस्तकें पढ़ी हैं? उनमें से कुछ के नाम लिखो।

उत्तर- मैंने अब तक चंदामामा, नंदन, चंपक, पंचतंत्र इत्यादि पुस्तकें पढ़ी हैं। ये मनोरंजन से भरपूर बाल-पत्रिकाएँ हैं।

प्रश्न 2 क्या तुम किसी पुस्तकालय या पत्रिका के सदस्य हो? उसका नाम लिखो।

उत्तर- हाँ मैं दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी का सदस्य हूँ। बहुत ही कम शुल्क में इसकी सदस्यता प्राप्त की जा सकती है। यह सरोजनी नगर में स्थित है और यह पुस्तकालय बहुत ही बड़ा

कहानी किताब की (पृष्ठ संख्या 40)

प्रश्न 1 मान लो कि तुम एक किताब हो। नीचे दी गई जगह में अपनी कहानी लिखो।

मैं एक किताब हूँ। पुराने समय से ………………………….

उत्तर-  मैं एक किताब हूँ। पुराने समय से मनुष्य को ज्ञान बाँटती आ रही हूँ। जब तक ताड़पत्रों, तामपत्रों तथा कागज़ का आविष्कार नहीं हुआ था। लोगों द्वारा पत्थरों की शिलाओं तथा लकड़ी के पत्थरों पर मुझे उकेरा जाता था। मेरा यह स्वरूप बहुत भारी था। लोग मुझे सरलतापूर्वक एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं ले जा पाते थे। अत: मेरा ज्ञान कुछ ही लोगों तक सीमित था। मैं स्वयं ही अपनी दशा से बहुत परेशान थी। परन्तु धीरे-धीरे ताड़पत्रों का प्रयोग बढ़ा उसके बाद ताम्रपत्रों का तथा बाद में कागज़ का प्रयोग हुआ। फिर क्या था मैं तेज़ी से लोगों की ज्ञान पिपासा शांत करने लगी। समय बदले और युग बदले आज मैं ई-पुस्तक के रूप में भी विद्यमान हूँ। कोई भी चाहे मुझे सरलतापूर्वक पढ़ सकता है। मेरी यात्रा का कोई अंत नहीं है। मैं सदियों से विद्यमान थी और आने वाले हज़ारों सालों तक विद्यमान रहूँगी। मेरे अंदर हर प्रकार का ज्ञान वर्णित करके रखा गया है और यही मेरी विशेषता और महत्वता को प्रदर्शित करता है।

वाक्य विश्लेषण (पृष्ठ संख्या 40)

प्रश्न 1 नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-

किसी भी वाक्य के दो अंग होते हैं- उद्देश्य और विधेय। वाक्य का विश्लेषण करने में वाक्य के इन दोनों खंडों और अंगों को पहचानना होता है।

उद्देश्यविधेय
मुख्यउद्देश्यकर्ता का विशेषणक्रियाकर्मकर्म काविशेषणपूरकविधेय विस्तारक
मोहनमेरा भाईपढ़ रहा हैहिंदीसात कक्षा में

नीचे लिखे वाक्य का विश्लेषण करो।

मोहन के गुरू जी श्याम पट्ट पर प्रश्न लिख रहे हैं।

उत्तर- 

उद्देश्यविधेय
मुख्यउद्देश्यकर्ता का विशेषणक्रियाकर्मकर्म काविशेषणपूरकविधेय विस्तारक
मोहनगुरूजीलिख रहेहैंप्रश्नश्याम पट्ट पर