Class 7

Class 7 हिन्दी – अध्याय-7: अपूर्व अनुभव

-तेत्सुको कुरियानागी सारांश यह कहानी मूलतः जापानी भाषा में लिखी गई है। जिसमें तोमोए में पढ़ने वाले तोत्तो-चान तथा यासुकी-चान नामक दो जापानी बच्चों के पेड़ पर चढ़ने के संघर्ष को दिखाया गया है। कहानी का सार कुछ इस प्रकार है- तोमोए का हर-एक बच्चा बाग के एक-एक पेड़ को खुद के चढ़ने का पेड़ […]

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-6: शाम-एक किसान

-सर्वेश्वर दयाल सक्सेना सारांश सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी ने अपनी कविता ‘शाम-एक किसान’ में शाम के समय का बड़ा ही मनोहर वर्णन किया है। शाम का प्राकृतिक दृश्य बहुत ही सुंदर है। इस दौरान पहाड़ – बैठे हुए किसी किसान जैसा दिख रहा है। आकाश उसके माथे पर बंधे एक साफे (पगड़ी) की तरह दिख

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-5: पापा खो गए

-श्री विजय तेंदुलकर सारांश प्रस्तुत पाठ विजय तेंदुलकर द्वारा लिखी गई एकांकी है। इस एकांकी में उन्होंने निर्जीव वस्तुओं को सजीव रूप में प्रस्तुत किया है। इस कहानी में मुख्य पात्र हैं- बिजली का खंभा पेड़ लैटर बॉक्स कौआ नाचने वाली लड़की आदमी समुद्र के किनारे एक फुटपाथ पर एक बिजली का खंभा,एक पेड़ और

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-4: मीठाईवाला

-भगवतीप्रसाद वाजपेयी सारांश मिठाई वाला कहानी एक बहुत ही मार्मिक कहानी है। यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो अपने बच्चे किसी कारणवश खो देता है और अब उन्हीं बच्चों का प्यार वह अन्य बच्चों की खुशी में तलाशता है। कहानी का सार कुछ इस प्रकार है। नगर में एक मादक-मधुर स्वर में गाने

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-3: कठपुतली

-भवानी प्रसाद सारांश प्रस्तुत कविता कवि भवानी प्रसाद द्वारा लिखित है। कवि ने कठपुतलियों के मन की व्यथा को दर्शाया है। ये सभी धागों में बंधे-बंधे परेशान हो चुकी हैं और इन्हें दूसरों के इशारों पर नाचने में दुख होता है। इस दुख से बाहर निकलने के लिए एक कठपुतली विद्रोह के शुरुआत करती है,

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-2: हिमालय की बेटियाँ

-नागार्जुन सारांश हिमालय की बेटियाँ नागार्जुन द्वारा लिखा एक प्रसिद्ध निबंध है। इस निबंध में लेखक ने नदियों के प्रति अपनी अपार श्रद्धा को प्रकट किया है। इस पाठ में उन्होंने हिमालय और उससे निकलने वाली नदियों के बारे में बताया है। लेखक कहते हैं कि हिमालय से बहने वाली गंगा, यमुना, सतलुज आदि नदियाँ

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Class 7 हिन्दी – अध्याय-1: हम पंछी उन्मुक्त गगन के

-शिवमंगल सिंह सुमन काव्यांश हम पंछी उन्‍मुक्‍त गगन के पिंजरबद्ध न गा पाएँगे, कनक-तीलियों से टकराकर पुलकित पंख टूट जाएँगे। भावार्थ- कविता की इन पंक्तियों में पंछियों की स्वतंत्र होने की चाह को दर्शाया है। इन पंक्तियों में पक्षी मनुष्यों से कहते हैं कि हम खुले आकाश में उड़ने वाले प्राणी हैं, हम पिंजरे में

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Class 7 भूगोल – अध्याय-5: जल

जल चक्र सदियों से वही पानी दुनिया भर में पुनर्चक्रण की मदद से चल रहा है। पानी के पुनर्चक्रण की यह प्रक्रिया पृथ्वी के विकास में सहायक होती है। पृथ्वी के जल को सतह के ऊपर और नीचे ले जाने की इस प्रक्रिया को जल चक्र कहा जाता है। सतह से बादलों तक और बादलों से सतह तक पानी की

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Class 7 भूगोल – अध्याय-4: वायु

वायुमंडल हमारी पृथ्वी चारों ओर से वायु की घनी चादर से घिरी हुई है, जिसे वायुमंडल कहते हैं। पृथ्वी पर सभी जीव जीवित रहने के लिए वायुमंडल पर निर्भर हैं। यह हमें साँस लेने के लिए वायु प्रदान करता है एवं सूर्य की किरणों के हानिकारक प्रभाव से हमारी रक्षा करता है। यदि सुरक्षा की

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Class 7 भूगोल – अध्याय-3: हमारी बदलती पृथ्वी

हमारी बदलती पृथ्वी स्थलमंडल अनेक प्लेटों में विभाजित है , जिन्हे स्थलमंडलीय प्लेट कहते है। ये प्लेट हमेशा धीमी गति से चारों तरफ घूमती रहती हैं , ऐसा पृथ्वी के अंदर पिघले हुए मैग्मा में होने वाले गति के कारण होता है। ये वृत्तीय रूप में घूमता रहता है। अंतर्जनित बल प्लेट की इस गति

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