लिंग-Class 6-Hindi-Grammar

लिंग लिंग शब्द के जिस रूप से उसकी जाति (नर, मादा) का बोध होता है, उसे लिंग (Gender in hindi)कहते हैं। लिंग दो प्रकार के होते हैं – शब्दों के जिस रूप में उनके ’नरत्व’ (पुरुषत्व) का बोध होता है, उसे ’पुल्लिंग ’ तथा शब्दों के जिस रूप से उसके ’स्त्रीत्व’ का बोध होता है, […]

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लिंग-Class 6-Hindi-Grammar

लिंग लिंग शब्द के जिस रूप से उसकी जाति (नर, मादा) का बोध होता है, उसे लिंग (Gender in hindi)कहते हैं। लिंग दो प्रकार के होते हैं – शब्दों के जिस रूप में उनके ’नरत्व’ (पुरुषत्व) का बोध होता है, उसे ’पुल्लिंग ’ तथा शब्दों के जिस रूप से उसके ’स्त्रीत्व’ का बोध होता है,

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भाषा -Class 6-Hindi-Grammar

भाषा  भाषा की परिभाषा भाषा वह साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य बोलकर, सुनकर, लिखकर व पढ़कर अपने मन के भावों या विचारों का आदान-प्रदान करता है। अथवा जिसके द्वारा हम अपने भावों को लिखित अथवा कथित रूप से दूसरों को समझा सके और दूसरों के भावो को समझ सके उसे भाषा कहते है। अथवा सरल

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प्रत्यय -Class 6-Hindi-Grammar

  प्रत्यय  प्रत्यय जो शब्दांश किसी शब्द के बाद लगकर उसके अर्थ को बदल देते हैं और नए अर्थ का बोध कराते हैं उसे प्रत्यय कहते हैं। भाषा में प्रत्यय का महत्त्व इसलिए भी है क्योंकि उसके प्रयोग से मूल शब्द के अनेक अर्थों को प्राप्त किया जा सकता है। यौगिक शब्द बनाने में प्रत्यय

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पत्र लेखन-Class 6-Hindi Grammar

पत्र लेखन पत्र लेखन की परिभाषा । पत्र लेखन का अर्थ – कागज के माध्यम से समाचारो का आदान प्रदान करना ही पत्र लेखन कहलाता है। प्राचीन समय में पत्र लेखन का प्रचलन बहुत अधिक था, फिर चाहे पत्र औपचारिक हो या अनौपचारिक दोनों ही स्तिथी में कागज में लिखे जाने वाले पत्रों का उपयोग

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निबंध लेखन-Class 6-Hindi Grammar

निबंध लेखन निबंध लेखन की परिभाषा निबंध लेखन में अलग-अलग प्रकार के विषय उस विषय पर लिखा जाता है जिसे हम सुनते रहते हैं,  देखते हैं और पढ़ते हैं । उदाहरण: किसी भी विषय पर लिखा जा सकता है। अभी के समय में सामाजिक, राजनीतिक और वैज्ञानिक आदि विषयों पर निबंध ज्यादा लिखा जाता है।

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काल -Class 6-Hindi Grammar

काल  काल काल का अर्थ हम “समय “से लेते है। अर्थात क्रिया के जिस रूप से हमें काम के होने के समय का बोध हो उसे काल कहते है। सरल शब्दो मे ज़ब हम या कोई भी व्यक्ति कोई भी कार्य करता है , उस कार्य से हमें उस समय का पता चलता है जिस

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कारक-Class 6-Hindi Grammar

कारक कारक अगर हम आसानी से इसे समझें तो ऐसे कि क्रिया से सम्बन्ध रखने वाले वे सभी शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम के रूप में होते हैं, उन्हें कारक कहते हैं। अर्थात कारक संज्ञा या सर्वनाम शब्दों का वह रूप होता है जिसका सीधा सम्बन्ध क्रिया से ही होता है। किसी कार्य को करने

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उपसर्ग-Class 6-Hindi Grammar

उपसर्ग उपसर्ग यह दो शब्दों (उप+सर्ग) के योग से बनता है। ’उप’ का अर्थ ’समीप’, ’निकट’ या ’पास में’ है। ’सर्ग’ का अर्थ है सृष्टि करना। ’उपसर्ग’ का अर्थ है पास में बैठकर दूसरा नया अर्थ वाला शब्द बनाना। ’हार’ के पहले ’प्र’ उपसर्ग लगा दिया गया, तो एक नया शब्द ’प्रहार’ बन गया, जिसका

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अव्यय-Class 6-Hindi Grammar

अव्यय अव्यय अव्यय ऐसे शब्द क्यों कहते हैं जिन शब्दों में लिंग, कारक, वचन आदि के कारण कोई भी परिवर्तन नहीं आता हो, उन्हें अव्यय अविकारी शब्द के नाम से जाना जाता है। यह शब्द हमेशा परिवर्तित होते हैं। परिभाषा- जो शब्द लिंग, वचन, कारक, पुरूष और काल के कारण नहीं बदलते, वे अव्यय कहलाते

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